गयाजी के गौतमबुद्ध महिला कॉलेज में लंबे समय से ठप पड़े निशुल्क नामांकन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उग्र आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा और तत्काल प्रभाव से नामांकन शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया। छात्राओं ने ABVP के बैनर तले विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दबाव में आकर प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी। अब 12 अप्रैल 2026 तक एडमिशन लिया जाएगा। प्रिया और वैष्णवी के नेतृत्व में आंदोलन तेज इस आंदोलन में प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह ने नेतृत्व किया, जबकि कॉलेज स्तर पर अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने मोर्चा संभाला। दोनों के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ डट गए। प्रिया सिंह ने कहा, ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। महीनों तक नामांकन लटकाना अन्याय है। छात्राओं को खासतौर पर परेशानी हुई। ABVP ने सड़क से लेकर दफ्तर तक संघर्ष किया। यह फैसला उसी लड़ाई का नतीजा है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रशासन से सीधी वार्ता का भी असर वैष्णवी कुमारी ने बताया कि, ‘छात्रों की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय के DSW और परीक्षा नियंत्रक से सीधी बात की गई। साफ कहा गया कि देरी से हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं। लगातार दबाव और बातचीत के बाद प्रशासन को फैसला लेना पड़ा।’ नई तारीख जारी, छात्रों में उत्साह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नई तारीख जारी करते हुए 12 अप्रैल तक नामांकन और 16 अप्रैल तक फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तय की है। आदेश जारी होते ही कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल दिखा और कई छात्राएं तुरंत नामांकन प्रक्रिया पूरी करने पहुंच गईं। इस आंदोलन में SFD प्रांत संयोजक सूरज सिंह, राज्य यूनिवर्सिटी सह संयोजक मैक्स अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, अंकित शर्मा, दीपक कुमार और प्रिंस कुमार समेत कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया। गयाजी के गौतमबुद्ध महिला कॉलेज में लंबे समय से ठप पड़े निशुल्क नामांकन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उग्र आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा और तत्काल प्रभाव से नामांकन शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया। छात्राओं ने ABVP के बैनर तले विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दबाव में आकर प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी। अब 12 अप्रैल 2026 तक एडमिशन लिया जाएगा। प्रिया और वैष्णवी के नेतृत्व में आंदोलन तेज इस आंदोलन में प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह ने नेतृत्व किया, जबकि कॉलेज स्तर पर अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने मोर्चा संभाला। दोनों के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ डट गए। प्रिया सिंह ने कहा, ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। महीनों तक नामांकन लटकाना अन्याय है। छात्राओं को खासतौर पर परेशानी हुई। ABVP ने सड़क से लेकर दफ्तर तक संघर्ष किया। यह फैसला उसी लड़ाई का नतीजा है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रशासन से सीधी वार्ता का भी असर वैष्णवी कुमारी ने बताया कि, ‘छात्रों की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय के DSW और परीक्षा नियंत्रक से सीधी बात की गई। साफ कहा गया कि देरी से हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं। लगातार दबाव और बातचीत के बाद प्रशासन को फैसला लेना पड़ा।’ नई तारीख जारी, छात्रों में उत्साह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नई तारीख जारी करते हुए 12 अप्रैल तक नामांकन और 16 अप्रैल तक फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तय की है। आदेश जारी होते ही कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल दिखा और कई छात्राएं तुरंत नामांकन प्रक्रिया पूरी करने पहुंच गईं। इस आंदोलन में SFD प्रांत संयोजक सूरज सिंह, राज्य यूनिवर्सिटी सह संयोजक मैक्स अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, अंकित शर्मा, दीपक कुमार और प्रिंस कुमार समेत कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया।


