मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए बांका जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने एलपीजी गैस एजेंसियों और विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। जिला प्रशासन को आशंका है कि आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में त्रिसदस्यीय धावा दल गठित किया गया है। इस दल में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष शामिल हैं। यह दल क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखेगा, साथ ही अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी कर इसकी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी एजेंसी या विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल हो सकती है। जिला प्रशासन ने सभी एलपीजी वितरकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी परिस्थिति में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या अवैध बिक्री न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 16 वितरक प्रतिदिन औसतन 2857 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे वर्तमान में, जिले में इंडेन के 16 वितरक प्रतिदिन औसतन 2857 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे हैं। इनमें 5785 घरेलू (14.2 किग्रा) और 211 वाणिज्यिक (19 किग्रा) सिलेंडर शामिल हैं। वहीं, एचपी के 15 वितरक प्रतिदिन औसतन 2143 घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे हैं। आम जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए बांका समाहरणालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक 06424-223001, 223002 और 223004 नंबरों पर संपर्क कर किसी भी अनियमितता की सूचना दे सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर का भंडारण न करने की अपील की है। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए बांका जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने एलपीजी गैस एजेंसियों और विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। जिला प्रशासन को आशंका है कि आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में त्रिसदस्यीय धावा दल गठित किया गया है। इस दल में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष शामिल हैं। यह दल क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखेगा, साथ ही अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी कर इसकी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी एजेंसी या विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल हो सकती है। जिला प्रशासन ने सभी एलपीजी वितरकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी परिस्थिति में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या अवैध बिक्री न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 16 वितरक प्रतिदिन औसतन 2857 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे वर्तमान में, जिले में इंडेन के 16 वितरक प्रतिदिन औसतन 2857 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे हैं। इनमें 5785 घरेलू (14.2 किग्रा) और 211 वाणिज्यिक (19 किग्रा) सिलेंडर शामिल हैं। वहीं, एचपी के 15 वितरक प्रतिदिन औसतन 2143 घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे हैं। आम जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए बांका समाहरणालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक 06424-223001, 223002 और 223004 नंबरों पर संपर्क कर किसी भी अनियमितता की सूचना दे सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर का भंडारण न करने की अपील की है।


