पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आगामी 10 और 11 जनवरी के जालंधर दौरे को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के दो दिवसीय प्रवास के दौरान शहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए नगर निगम कमिश्नर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे के मद्देनजर नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के स्टेशन छोड़ने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है, ताकि विकास कार्यों और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। प्रशासनिक मुस्तैदी और सख्त निर्देश मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का जालंधर दौरा आगामी विकास परियोजनाओं और शहर की प्रशासनिक समीक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम जालंधर के आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, 10 और 11 जनवरी को मुख्यमंत्री शहर में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शहर की साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत और अन्य नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किए जाने की संभावना है। प्रशासनिक आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि इन दो दिनों के भीतर नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। यदि कोई कर्मचारी पहले से छुट्टी पर है, तो उसे भी ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय यदि किसी तत्काल कार्रवाई या रिपोर्ट की आवश्यकता पड़े, तो संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शहर की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर मुख्यमंत्री इस दौरे के दौरान जालंधर के कुछ प्रमुख विकास कार्यों का जायजा ले सकते हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सकते हैं। नगर निगम प्रशासन ने इस बात को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान शुरू किया है। शहर के मुख्य मार्गों की सफाई, स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सीएम मान के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और मुख्यमंत्री के रूट चार्ट के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन की योजना तैयार की गई है। निगम आयुक्त ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात भी कही गई है।


