आंती में जर्जर हालत में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भवन:मरीज-स्वास्थ्यकर्मियों की जान को खतरा, नहीं मिल रहा बेहतर इलाज

आंती में जर्जर हालत में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भवन:मरीज-स्वास्थ्यकर्मियों की जान को खतरा, नहीं मिल रहा बेहतर इलाज

गया जिले के कोंच प्रखंड स्थित आंती गांव का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इसकी वजह से मरीजों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की दीवारें और छतें इतनी खराब हो चुकी हैं कि किसी भी समय बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। भवन की बदहाली के कारण यहां सुविधाओं का भी अभाव है। आंती गांव और आसपास की बड़ी आबादी इलाज के लिए इसी केंद्र पर निर्भर है। हालांकि, सुविधाओं की कमी और भवन की खस्ताहाल स्थिति के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए भी बाहर जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण में भी असुरक्षित भवन के कारण कठिनाई आ रही है। स्थानीय ग्रामीण कृष्ण सिंह, मनोज कुमार सिंह और मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से कई बार इस भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्र का जीर्णोद्धार नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो जाएगी। इस संबंध में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख़्तर ने बताया कि भवन टेंडर प्रक्रिया में है और इसका काम जल्द ही पूरा किया जाएगा। गया जिले के कोंच प्रखंड स्थित आंती गांव का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इसकी वजह से मरीजों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की दीवारें और छतें इतनी खराब हो चुकी हैं कि किसी भी समय बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। भवन की बदहाली के कारण यहां सुविधाओं का भी अभाव है। आंती गांव और आसपास की बड़ी आबादी इलाज के लिए इसी केंद्र पर निर्भर है। हालांकि, सुविधाओं की कमी और भवन की खस्ताहाल स्थिति के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए भी बाहर जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण में भी असुरक्षित भवन के कारण कठिनाई आ रही है। स्थानीय ग्रामीण कृष्ण सिंह, मनोज कुमार सिंह और मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से कई बार इस भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्र का जीर्णोद्धार नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो जाएगी। इस संबंध में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख़्तर ने बताया कि भवन टेंडर प्रक्रिया में है और इसका काम जल्द ही पूरा किया जाएगा।  

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