अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि अगले 6 साल में वे भारत में ₹10 से 12 लाख करोड़ तक का निवेश करेंगे। यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, पोर्ट्स और दूसरे सेक्टर्स में खर्च किया जाएगा। अडाणी ने PTI से कहा की देश में इन्वेस्टमेंट की बहुत बड़ी संभावना है। हम भारत में ₹12 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में आत्मनिर्भरता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को कॉर्पोरेट क्षेत्र ने नए स्वतंत्रता आंदोलन की तरह अपनाया है, और सभी प्रमुख औद्योगिक समूह इसी दिशा में काम कर रहे हैं। IIT धनबाद के सेंचुरी सेलिब्रेशन में पहुंचे अडाणी IIT धनबाद के सेंचुरी सेलिब्रेशन में शामिल होने पहुंचे अडाणी ने बताया कि यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और पोर्ट्स में होगा। अडाणी ग्रुप गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बना रहा है जो 520 स्क्वायर किमी में फैला है। 2030 तक ये प्लांट 30 GW ग्रीन एनर्जी देगा, जो 6 करोड़ घरों को साल भर पावर दे सकता है। देश में माइनिंग और मटेरियल्स में भी एक्सपैंशन किया जाएगा। मेटल से अलॉय और फिनिश्ड प्रोडक्ट्स तक बनाए जाएंगे। भारत नैचुरल रिसोर्सेज और एनर्जी सिस्टम्स पर निर्भर अडाणी ने कहा, हमने रिन्यूएबल एनर्जी में इन्वेस्ट करके दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली कंपनी बनाई है। अब भारत की अगले 10 साल की एस्पिरेशन के हिसाब से स्केल बढ़ा रहे हैं। अडाणी ने चैलेंजेस पर कहा कि ये गेम का हिस्सा हैं। आज इंडियन इंडस्ट्री खुद को नेशन बिल्डिंग का पार्टनर मानती है। उन्होंने कहा, 21वीं सदी में भारत की सॉवरेन्टी नैचुरल रिसोर्सेज और एनर्जी सिस्टम्स पर निर्भर करेगी। अडाणी का ग्रीन एनर्जी पर फोकस IIT में अडाणी ने कहा कि ग्लोबल ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन आज की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है।आने वाले दशकों में कई ट्रिलियन डॉलर की होगी। इससे इलेक्ट्रिसिटी बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन स्टील, ग्रीन फर्टिलाइजर, हाइड्रोजन और AI-डिजिटल इकोनॉमी का इंफ्रा बनेगा। ग्रुप अगले 5 साल में एनर्जी ट्रांजिशन पर $75 बिलियन (लगभग ₹6.7 लाख करोड़) निवेश करेगा।
अडाणी ग्रुप भारत में ₹10-12 लाख करोड़ निवेश करेगा:अगले 6 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में खर्च होगा; गौतम अडाणी बोले-देश में इन्वेस्टमेंट की बड़ी संभावना


