Mukesh Rishi On Women Reservation Bill In India: संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस अहम मुद्दे पर अब बॉलीवुड अभिनेता मुकेश ऋषि ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। ऋषि मुकेश ने इस मुद्दे पर क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
मुकेश ऋषि ने मुद्दे पर क्या कहा? (Mukesh Rishi On Women Reservation Bill In India)
ANI से बात करते हुए उन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और पॉजिटिव कदम बताया है। उनके मुताबिक ये फैसला न सिर्फ राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा बल्कि समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगा।
केंद्र सरकार द्वारा हो रही तैयारी
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा संसद के विशेष सत्र में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने से जुड़े संशोधन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव देश की राजनीति में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश ऋषि ने कहा कि लंबे समय से इस तरह के कदम की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और अब जब यह पहल आगे बढ़ रही है, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
बातचीत के दौरान बोले एक्टर (Mukesh Rishi On Women Reservation Bill In India)
मुकेश ऋषि ने बातचीत के दौरान कहा कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। चाहे चिकित्सा हो, खेल जगत हो, सेना हो या फिर विमानन क्षेत्र- हर जगह महिलाओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि समाज की सोच में बदलाव आने में जरूर समय लगा, लेकिन अब महिलाएं अपनी क्षमता से हर सीमा को पार कर रही हैं।
अभिनेता ने ये भी कहा कि शिक्षा ने महिलाओं की प्रगति में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। पहले जहां अवसरों की कमी के कारण महिलाएं राजनीति जैसे क्षेत्रों में कम नजर आती थीं, वहीं आज स्थिति तेजी से बदल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ने से नीति निर्माण में भी संतुलन और संवेदनशीलता आएगी।
खेल जगत में उपलब्धियों पर भी की बात
मुकेश ऋषि ने खेल जगत में भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब महिलाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं, तो राजनीति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी वे अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं। उनके मुताबिक, ये आरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगा और समाज में समान अवसरों की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।
कानून को लागू करना है सरकार की योजना
गौरतलब है कि सरकार की योजना के अनुसार आगामी वर्षों में इस कानून को लागू करने की दिशा में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि भविष्य के चुनावों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके। इस पहल को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मुकेश ऋषि का बयान भी इसी समर्थन की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। ऐसे में फिल्म जगत से लेकर आम नागरिकों तक, हर वर्ग के लोग इस फैसले का स्वागत करते नजर आ रहे हैं।


