भागलपुर से बांका के बीच अवैध खनन हो रहा है। SSP प्रमोद कुमार ने कहा कि अवैध बालू खनन और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह पुलिस विभाग से जुड़ा हो या कोई अन्य प्रभावशाली व्यक्ति, सभी के खिलाफ पूछताछ के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। SSP ने कहा कि बिना किसी उद्देश्य के तय रूट पर घूमने वाले लोगों को इंट्री माफिया मानते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ट्रक चालकों से अवैध वसूली करने वाले, शॉर्टकट व्यवस्था के जरिए परिवहन को सुचारू कराने वाले और नेटवर्क को संरक्षण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। बांका के रजौन घाट से खनन दरअसल, भागलपुर में अवैध बालू का कारोबार हो रहा है। जिसका कनेक्शन बांका से जुड़ा है। बांका के रजौन में 3 बालू घाट हैं। जहां बालू का अवैध खनन होता है, जिसमें 300 ट्रैक्टर लगे हैं। ये अवैध धंधा करीब 15.71 करोड़ रुपए का है। इसमें सभी का पैसा बंटा है। एक दिन में थाने की कमाई 10 लाख रुपए तक है। पुलिस इसमें डायरेक्ट वसूली नहीं करती है। थाने को पैसा दलाल लाकर देते हैं। जिसके बाद थाना मैनेज हो जाता है। इसके अलावा मजदूरों का भी इसमें हिस्सा बंटा है। जो बालू को लोड करते हैं। ये खुलासा तब हुआ जब स्थानीय मदन कुमार समेत 6 लोगों ने डीजीपी विनय कुमार से मामले की शिकायत 28 जनवरी को की थी। जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई और 4 फरवरी को 24 ट्रैक्टर जब्त किया था, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस के एक्शन के बाद भी आजतक अवैध धंधा बंद नहीं हुआ है, खनन जारी है। पढ़े पूरी खबर… भागलपुर से बांका के बीच अवैध खनन हो रहा है। SSP प्रमोद कुमार ने कहा कि अवैध बालू खनन और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह पुलिस विभाग से जुड़ा हो या कोई अन्य प्रभावशाली व्यक्ति, सभी के खिलाफ पूछताछ के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। SSP ने कहा कि बिना किसी उद्देश्य के तय रूट पर घूमने वाले लोगों को इंट्री माफिया मानते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ट्रक चालकों से अवैध वसूली करने वाले, शॉर्टकट व्यवस्था के जरिए परिवहन को सुचारू कराने वाले और नेटवर्क को संरक्षण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। बांका के रजौन घाट से खनन दरअसल, भागलपुर में अवैध बालू का कारोबार हो रहा है। जिसका कनेक्शन बांका से जुड़ा है। बांका के रजौन में 3 बालू घाट हैं। जहां बालू का अवैध खनन होता है, जिसमें 300 ट्रैक्टर लगे हैं। ये अवैध धंधा करीब 15.71 करोड़ रुपए का है। इसमें सभी का पैसा बंटा है। एक दिन में थाने की कमाई 10 लाख रुपए तक है। पुलिस इसमें डायरेक्ट वसूली नहीं करती है। थाने को पैसा दलाल लाकर देते हैं। जिसके बाद थाना मैनेज हो जाता है। इसके अलावा मजदूरों का भी इसमें हिस्सा बंटा है। जो बालू को लोड करते हैं। ये खुलासा तब हुआ जब स्थानीय मदन कुमार समेत 6 लोगों ने डीजीपी विनय कुमार से मामले की शिकायत 28 जनवरी को की थी। जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई और 4 फरवरी को 24 ट्रैक्टर जब्त किया था, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस के एक्शन के बाद भी आजतक अवैध धंधा बंद नहीं हुआ है, खनन जारी है। पढ़े पूरी खबर…


