सीवान जंक्शन पर अश्लील गाना चलाने मामले में कार्रवाई:LED स्क्रीन पर पवन सिंह का गाना चलाने वाली एजेंसी ब्लैकलिस्ट, जमानत जब्त; संविदाकर्मी पर FIR

सीवान जंक्शन पर अश्लील गाना चलाने मामले में कार्रवाई:LED स्क्रीन पर पवन सिंह का गाना चलाने वाली एजेंसी ब्लैकलिस्ट, जमानत जब्त; संविदाकर्मी पर FIR

सीवान जंक्शन रेलवे स्टेशन पर LED स्क्रीन पर अश्लील गाना चलने की घटना के बाद भास्कर की खबर का बड़ा असर दिखा है। मामले के प्रमुखता से प्रकाशित होते ही रेल प्रशासन हरकत में आ गया। वाराणसी मंडल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच टीम गठित की। पूरी जिम्मेदारी तय की और दोषी एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की। रेलवे ने न केवल एजेंसी का एग्रीमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया, बल्कि उसकी जमानत राशि भी जब्त कर ली। रेलवे की जांच में रिपेयर के दौरान लापरवाही उजागर शनिवार को रेलवे अधिकारियों ने एलईडी स्क्रीन की तकनीकी जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि स्क्रीन हाल ही में रिपेयर कर दोबारा लगाई गई थी, लेकिन इंस्टॉलेशन के समय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ। इसी तकनीकी लापरवाही के कारण रेलवे की सूचनाएं और विज्ञापनों की जगह अशोभनीय वीडियो चल पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच असहज स्थिति बन गई। तकनीकी टीम ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता तो निजी एक्सेस फाइलें स्क्रीन पर नहीं चल सकती थीं। यह लापरवाही सीधे तौर पर संबंधित संविदा एजेंसी की जिम्मेदारी में आई। संविदाकर्मी पर FIR, एग्रीमेंट रद्द मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संविदाकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। वाणिज्य अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि 13 फरवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे हांडा इंटरप्राइजेज से जुड़े संविदाकर्मी सलमान अली ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 स्थित एलईडी स्क्रीन पर अश्लील गाना चला दिया था। FIR दर्ज होने के बाद से आरोपी सलमान अली फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। वहीं, संविदा एजेंसी के खिलाफ भी ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीआरएम ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने कहा कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। जांच में एजेंसी की स्पष्ट लापरवाही सामने आई, इसलिए अनुबंध को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा, भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। स्टेशन परिसर में अशोभनीय सामग्री प्रसारित होना गंभीर चूक है। ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीआरएम ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में सभी स्टेशनों की डिजिटल स्क्रीन की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी। भास्कर की खबर के बाद बढ़ा दबाव एलईडी स्क्रीन पर प्रसारित इस अशोभनीय वीडियो का फुटेज सामने आने के बाद यात्रियों में आक्रोश बढ़ गया था। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर सवाल उठाए। इसी बीच दैनिक भास्कर ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ा। भास्कर की खबर के बाद ही जांच टीम गठित हुई, दोषियों की पहचान की गई और एजेंसी पर अनुबंध रद्द करने व जमानत जब्त करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों की सख्ती से गया संदेश रेलवे प्रशासन की कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि स्टेशन परिसर में अशोभनीय सामग्री प्रसारित करने, सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने या रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। स्टेशन पर एलईडी स्क्रीन पर दिखने वाली हर सामग्री अब और अधिक निगरानी में रहेगी, ताकि ऐसी घटना दोबारा न दोहराई जाए। सीवान जंक्शन रेलवे स्टेशन पर LED स्क्रीन पर अश्लील गाना चलने की घटना के बाद भास्कर की खबर का बड़ा असर दिखा है। मामले के प्रमुखता से प्रकाशित होते ही रेल प्रशासन हरकत में आ गया। वाराणसी मंडल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच टीम गठित की। पूरी जिम्मेदारी तय की और दोषी एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की। रेलवे ने न केवल एजेंसी का एग्रीमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया, बल्कि उसकी जमानत राशि भी जब्त कर ली। रेलवे की जांच में रिपेयर के दौरान लापरवाही उजागर शनिवार को रेलवे अधिकारियों ने एलईडी स्क्रीन की तकनीकी जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि स्क्रीन हाल ही में रिपेयर कर दोबारा लगाई गई थी, लेकिन इंस्टॉलेशन के समय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ। इसी तकनीकी लापरवाही के कारण रेलवे की सूचनाएं और विज्ञापनों की जगह अशोभनीय वीडियो चल पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच असहज स्थिति बन गई। तकनीकी टीम ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता तो निजी एक्सेस फाइलें स्क्रीन पर नहीं चल सकती थीं। यह लापरवाही सीधे तौर पर संबंधित संविदा एजेंसी की जिम्मेदारी में आई। संविदाकर्मी पर FIR, एग्रीमेंट रद्द मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संविदाकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। वाणिज्य अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि 13 फरवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे हांडा इंटरप्राइजेज से जुड़े संविदाकर्मी सलमान अली ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 स्थित एलईडी स्क्रीन पर अश्लील गाना चला दिया था। FIR दर्ज होने के बाद से आरोपी सलमान अली फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। वहीं, संविदा एजेंसी के खिलाफ भी ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीआरएम ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने कहा कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। जांच में एजेंसी की स्पष्ट लापरवाही सामने आई, इसलिए अनुबंध को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा, भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। स्टेशन परिसर में अशोभनीय सामग्री प्रसारित होना गंभीर चूक है। ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीआरएम ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में सभी स्टेशनों की डिजिटल स्क्रीन की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी। भास्कर की खबर के बाद बढ़ा दबाव एलईडी स्क्रीन पर प्रसारित इस अशोभनीय वीडियो का फुटेज सामने आने के बाद यात्रियों में आक्रोश बढ़ गया था। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर सवाल उठाए। इसी बीच दैनिक भास्कर ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ा। भास्कर की खबर के बाद ही जांच टीम गठित हुई, दोषियों की पहचान की गई और एजेंसी पर अनुबंध रद्द करने व जमानत जब्त करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों की सख्ती से गया संदेश रेलवे प्रशासन की कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि स्टेशन परिसर में अशोभनीय सामग्री प्रसारित करने, सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने या रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। स्टेशन पर एलईडी स्क्रीन पर दिखने वाली हर सामग्री अब और अधिक निगरानी में रहेगी, ताकि ऐसी घटना दोबारा न दोहराई जाए।  

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