दोपहिया गाड़ी मालिकों के राशन कार्ड पर कार्रवाई:बेतिया में 20,638 कार्डधारकों को नोटिस, 7 दिन में देना होगा जवाब

दोपहिया गाड़ी मालिकों के राशन कार्ड पर कार्रवाई:बेतिया में 20,638 कार्डधारकों को नोटिस, 7 दिन में देना होगा जवाब

बेतिया में अब दोपहिया वाहन रखने वाले राशन कार्डधारकों को भी सरकारी राशन के फायदा से वंचित किया जा सकता है। अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए आपूर्ति विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सदर अनुमंडल क्षेत्र के 20,638 राशन कार्डधारकों को नोटिस जारी किया गया है। इन कार्डधारकों को सात दिनों के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है। आपूर्ति विभाग ने दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों, आयकरदाताओं, पीएम किसान सम्मान निधि व पेंशन का फायदा लेने वालों तथा ढाई एकड़ से अधिक जमीन रखने वालों को अपात्र मानते हुए यह बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जनवितरण प्रणाली के तहत अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई विभाग के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर जनवितरण प्रणाली के तहत अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है। इसमें चारपहिया के साथ-साथ अब दोपहिया वाहन मालिकों को भी राशन कार्ड के फायदा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त, आयकरदाता, पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा लेने वाले, पेंशनधारी और ढाई एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले लोगों को भी अपात्र की श्रेणी में रखा गया है। प्रखंड स्तर पर 20,638 राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया सदर एसडीएम विकास कुमार ने बताया कि विभागीय आदेश के आलोक में प्रखंड स्तर पर 20,638 राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया है। संबंधित जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के माध्यम से इन सभी को नोटिस तामील कराया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जिन लाभार्थियों को नोटिस मिला है, वे सात दिनों के भीतर अपना पक्ष और आवश्यक कागजात प्रस्तुत कर सकते हैं। अपात्र पाए जाने की स्थिति में उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा एसडीएम ने बताया कि यदि जांच के दौरान संबंधित राशन कार्डधारक पात्र साबित होते हैं, तो उन्हें राहत दी जाएगी। वहीं, निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या अपात्र पाए जाने की स्थिति में उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा और उन्हें सरकारी राशन का लाभ नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई के बाद राशन कार्डधारकों में हड़कंप की स्थिति है और बड़ी संख्या में लोग अपने कार्ड को बचाने के लिए प्रखंड व अनुमंडल कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चलाया जा रहा है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। बेतिया में अब दोपहिया वाहन रखने वाले राशन कार्डधारकों को भी सरकारी राशन के फायदा से वंचित किया जा सकता है। अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए आपूर्ति विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सदर अनुमंडल क्षेत्र के 20,638 राशन कार्डधारकों को नोटिस जारी किया गया है। इन कार्डधारकों को सात दिनों के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है। आपूर्ति विभाग ने दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों, आयकरदाताओं, पीएम किसान सम्मान निधि व पेंशन का फायदा लेने वालों तथा ढाई एकड़ से अधिक जमीन रखने वालों को अपात्र मानते हुए यह बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जनवितरण प्रणाली के तहत अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई विभाग के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर जनवितरण प्रणाली के तहत अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है। इसमें चारपहिया के साथ-साथ अब दोपहिया वाहन मालिकों को भी राशन कार्ड के फायदा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त, आयकरदाता, पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा लेने वाले, पेंशनधारी और ढाई एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले लोगों को भी अपात्र की श्रेणी में रखा गया है। प्रखंड स्तर पर 20,638 राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया सदर एसडीएम विकास कुमार ने बताया कि विभागीय आदेश के आलोक में प्रखंड स्तर पर 20,638 राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया है। संबंधित जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के माध्यम से इन सभी को नोटिस तामील कराया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जिन लाभार्थियों को नोटिस मिला है, वे सात दिनों के भीतर अपना पक्ष और आवश्यक कागजात प्रस्तुत कर सकते हैं। अपात्र पाए जाने की स्थिति में उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा एसडीएम ने बताया कि यदि जांच के दौरान संबंधित राशन कार्डधारक पात्र साबित होते हैं, तो उन्हें राहत दी जाएगी। वहीं, निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या अपात्र पाए जाने की स्थिति में उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा और उन्हें सरकारी राशन का लाभ नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई के बाद राशन कार्डधारकों में हड़कंप की स्थिति है और बड़ी संख्या में लोग अपने कार्ड को बचाने के लिए प्रखंड व अनुमंडल कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चलाया जा रहा है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।  

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