अररिया जिले में अवैध रूप से संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने शहर के बापू मार्केट और खलीलाबाद इलाकों में छापेमारी की। इस अभियान में एक नर्सिंग होम, दो क्लिनिक और तीन जांच घरों सहित कुल छह संस्थानों को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही टीम बापू मार्केट पहुंची, कई अवैध नर्सिंग होम, क्लिनिक और जांच केंद्रों के संचालक अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से इलाके में सतर्कता का माहौल बन गया। कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें… एक कर्मचारी को मौके पर पकड़ा
वहीं, खलीलाबाद स्थित एक नर्सिंग होम में टीम ने एक सिजेरियन मरीज को दवा समझाते हुए एक कर्मचारी को मौके पर पकड़ा। इस दौरान नर्सिंग होम के चिकित्सक और अन्य कर्मचारी फरार हो गए। टीम ने मौजूद कर्मचारी से नर्सिंग होम संचालक के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी वैध कागजात पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने मरीज को तत्काल सदर अस्पताल में स्थानांतरित कराया और नर्सिंग होम को सील कर दिया। यह कार्रवाई बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव के हालिया पत्र के आधार पर की गई है। शिकायतों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए
पत्र में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर में अवैध निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र, एक्स-रे और मेडिकल दुकानों के माध्यम से मरीजों को गुमराह करने की शिकायतों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे। जांच के लिए गठित टीम में वरीय उप समाहर्ता अभिजीत कुमार, एसडीसी चंद्रशेखर यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अररिया डॉ. प्रह्लाद कुमार, नरपतगंज डॉ. दीपक कुमार सिंह, रानीगंज डॉ. रोहित कुमार झा और नगर थाना पुलिस के जवान शामिल थे। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को निजी संस्थानों की ओर भटकाने वाले व्यक्तियों और इसमें संलिप्त सरकारी कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नोडल पदाधिकारी को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अररिया जिले में अवैध रूप से संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने शहर के बापू मार्केट और खलीलाबाद इलाकों में छापेमारी की। इस अभियान में एक नर्सिंग होम, दो क्लिनिक और तीन जांच घरों सहित कुल छह संस्थानों को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, जैसे ही टीम बापू मार्केट पहुंची, कई अवैध नर्सिंग होम, क्लिनिक और जांच केंद्रों के संचालक अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से इलाके में सतर्कता का माहौल बन गया। कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें… एक कर्मचारी को मौके पर पकड़ा
वहीं, खलीलाबाद स्थित एक नर्सिंग होम में टीम ने एक सिजेरियन मरीज को दवा समझाते हुए एक कर्मचारी को मौके पर पकड़ा। इस दौरान नर्सिंग होम के चिकित्सक और अन्य कर्मचारी फरार हो गए। टीम ने मौजूद कर्मचारी से नर्सिंग होम संचालक के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी वैध कागजात पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने मरीज को तत्काल सदर अस्पताल में स्थानांतरित कराया और नर्सिंग होम को सील कर दिया। यह कार्रवाई बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव के हालिया पत्र के आधार पर की गई है। शिकायतों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए
पत्र में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर में अवैध निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र, एक्स-रे और मेडिकल दुकानों के माध्यम से मरीजों को गुमराह करने की शिकायतों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे। जांच के लिए गठित टीम में वरीय उप समाहर्ता अभिजीत कुमार, एसडीसी चंद्रशेखर यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अररिया डॉ. प्रह्लाद कुमार, नरपतगंज डॉ. दीपक कुमार सिंह, रानीगंज डॉ. रोहित कुमार झा और नगर थाना पुलिस के जवान शामिल थे। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को निजी संस्थानों की ओर भटकाने वाले व्यक्तियों और इसमें संलिप्त सरकारी कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नोडल पदाधिकारी को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।


