अररिया में अवैध डीजे वाहनों पर कार्रवाई:परिवहन विभाग ने कई वाहन जब्त कर लगाया जुर्माना, 15 दिनों का रखा गया लक्ष्य

अररिया में अवैध डीजे वाहनों पर कार्रवाई:परिवहन विभाग ने कई वाहन जब्त कर लगाया जुर्माना, 15 दिनों का रखा गया लक्ष्य

बिहार सरकार और अररिया के जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में अवैध रूप से संचालित मॉडिफाइड डीजे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। राज्यव्यापी अभियान के तहत अररिया में एक विशेष जांच टीम सक्रिय हो गई है, जिससे अवैध डीजे वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन के नेतृत्व में मोटरयान निरीक्षक और प्रवर्तन अवर निरीक्षकों की एक टीम प्रमुख सड़कों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग कर रही है। जांच के दौरान बिना अनुमति के डीजे सिस्टम लगाए वाहन, संरचनात्मक बदलाव वाले वाहन और ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले मामलों को चिन्हित किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों पर लग रहा जुर्माना नियम तोड़ने वालों पर तत्काल जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि गंभीर मामलों में वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है। डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के वाहन में डीजे सिस्टम लगाना या उसके मूल स्वरूप में परिवर्तन करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के अलावा वाहन का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। यह अभियान सड़क सुरक्षा मजबूत करने, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। 15 दिनों का रखा गया लक्ष्य बिहार परिवहन विभाग ने राज्य स्तर पर 15 दिनों के भीतर अवैध डीजे वाहनों से पूरी तरह मुक्ति का लक्ष्य रखा है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में घोषणा की थी कि बिना अनुमति मॉडिफाइड वाहनों को जब्त किया जाएगा और पंजीकरण रद्द होगा। अररिया में यह कार्रवाई इसी राज्यव्यापी निर्देश का हिस्सा है। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अवैध डीजे सिस्टम का उपयोग तुरंत बंद करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। यह कदम शादी-ब्याह, उत्सवों और अन्य आयोजनों में तेज आवाज से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोग इसे सकारात्मक बता रहे हैं, क्योंकि इससे सड़कों पर शांति और सुरक्षा बढ़ेगी। बिहार सरकार और अररिया के जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में अवैध रूप से संचालित मॉडिफाइड डीजे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। राज्यव्यापी अभियान के तहत अररिया में एक विशेष जांच टीम सक्रिय हो गई है, जिससे अवैध डीजे वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन के नेतृत्व में मोटरयान निरीक्षक और प्रवर्तन अवर निरीक्षकों की एक टीम प्रमुख सड़कों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग कर रही है। जांच के दौरान बिना अनुमति के डीजे सिस्टम लगाए वाहन, संरचनात्मक बदलाव वाले वाहन और ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले मामलों को चिन्हित किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों पर लग रहा जुर्माना नियम तोड़ने वालों पर तत्काल जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि गंभीर मामलों में वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है। डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के वाहन में डीजे सिस्टम लगाना या उसके मूल स्वरूप में परिवर्तन करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के अलावा वाहन का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। यह अभियान सड़क सुरक्षा मजबूत करने, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। 15 दिनों का रखा गया लक्ष्य बिहार परिवहन विभाग ने राज्य स्तर पर 15 दिनों के भीतर अवैध डीजे वाहनों से पूरी तरह मुक्ति का लक्ष्य रखा है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में घोषणा की थी कि बिना अनुमति मॉडिफाइड वाहनों को जब्त किया जाएगा और पंजीकरण रद्द होगा। अररिया में यह कार्रवाई इसी राज्यव्यापी निर्देश का हिस्सा है। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अवैध डीजे सिस्टम का उपयोग तुरंत बंद करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। यह कदम शादी-ब्याह, उत्सवों और अन्य आयोजनों में तेज आवाज से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोग इसे सकारात्मक बता रहे हैं, क्योंकि इससे सड़कों पर शांति और सुरक्षा बढ़ेगी।  

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