बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शहर के अवैध कॉलोनाइजर्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए दो दिनों तक ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सोमवार को जहाँ बारादरी इलाके में बड़े शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के अवैध निर्माण को ढहाया गया, वहीं मंगलवार को किला क्षेत्र में अतीक अहमद की 10 बीघा की अवैध कॉलोनी पर पीला पंजा चला। प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने उन कॉलोनाइजर्स की नींद उड़ा दी है जो रसूख के दम पर बिना नक्शा पास कराए सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। 6000 वर्गमीटर में बन रही थी अवैध कालोनी बारादरी थाना क्षेत्र के ग्राम हरूनगला में मनोज जायसवाल पुत्र ओम प्रकाश जायसवाल द्वारा करीब 6000 वर्गमीटर जमीन पर बिना किसी अनुमति के अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। संयुक्त सचिव दीपक कुमार और ओएसडी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने यहाँ बिछाई गई सड़कों, नालियों और साइट ऑफिस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। रसूख के दम पर चल रहे इस अवैध निर्माण पर बीडीए की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। दूसरे दिन किला छावनी में अतीक अहमद के ड्रीम प्रोजेक्ट पर चला पीला पंजा सोमवार की कार्रवाई के बाद मंगलवार को भी बीडीए का अभियान थमा नहीं। मंगलवार को प्रवर्तन टीम ने थाना किला के आनंद विहार कॉलोनी के पीछे किला छावनी में धावा बोला। यहाँ अतीक अहमद द्वारा लगभग 10 बीघा के विशाल क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। बिना किसी ले-आउट और प्राधिकरण की मंजूरी के यहाँ प्लॉटिंग के लिए सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया गया था। सहायक अभियंता गजेंद्र पाल शर्मा और अवर अभियंता सुरेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में बुलडोजर ने घंटों की मशक्कत के बाद अवैध निर्माण को मिट्टी में मिला दिया। नक्शा पास नहीं तो निवेश भी सुरक्षित नहीं प्राधिकरण ने इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही शहरवासियों के लिए चेतावनी भी जारी की है। बीडीए अधिकारियों ने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत किसी भी निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। प्राधिकरण ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे शराब कारोबारियों या किसी भी कॉलोनाइजर्स के झांसे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। निवेश करने से पहले यह जरूर जांच लें कि कॉलोनी का ले-आउट बीडीए से स्वीकृत है या नहीं, अन्यथा अवैध निर्माण के साथ-साथ आपकी पूंजी भी डूब सकती है।


