नवादा सदर अस्पताल आगजनी मामले में कार्रवाई तेज:दवाओं के ऑडिट से पहले हादसा, सिविल सर्जन चैंबर और दवा स्टोर जलकर राख

नवादा सदर अस्पताल आगजनी मामले में कार्रवाई तेज:दवाओं के ऑडिट से पहले हादसा, सिविल सर्जन चैंबर और दवा स्टोर जलकर राख

नवादा सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के चैंबर और दवा स्टोर में आग लग गई। घटना के एक दिन बाद आग लगने के कारणों की जांच तेज कर दी गई है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसडी अयारा ने बताया कि आग लगने की इस पूरी घटना के हर बिंदु पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पत्रकारों को भी घटना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मार्च का महीना चल रहा है और पूरे अस्पताल की दवाओं का ऑडिट होना था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी है या किसी ने जानबूझकर लगाई है। लोगों को आसानी से नहीं मिलने वाली दवाएं जली इन दोनों बिंदुओं पर अधिकारी भी असमंजस में हैं। लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि कई ऐसी दवाएं जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं, वे भी जलकर खाक हो गई हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि जिस स्थान पर आग लगी है, वह पहले आम जनता के बैठने के लिए बनाया गया था। वहां स्टोर किसके आदेश पर बनाया गया, इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि आग लगाई गई है और शॉर्ट सर्किट का नाम देकर सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। सिविल सर्जन चैंबर में आग कैसे लगी, इसकी भी गहन जांच की जाएगी। नवादा सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के चैंबर और दवा स्टोर में आग लग गई। घटना के एक दिन बाद आग लगने के कारणों की जांच तेज कर दी गई है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसडी अयारा ने बताया कि आग लगने की इस पूरी घटना के हर बिंदु पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पत्रकारों को भी घटना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मार्च का महीना चल रहा है और पूरे अस्पताल की दवाओं का ऑडिट होना था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी है या किसी ने जानबूझकर लगाई है। लोगों को आसानी से नहीं मिलने वाली दवाएं जली इन दोनों बिंदुओं पर अधिकारी भी असमंजस में हैं। लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि कई ऐसी दवाएं जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं, वे भी जलकर खाक हो गई हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि जिस स्थान पर आग लगी है, वह पहले आम जनता के बैठने के लिए बनाया गया था। वहां स्टोर किसके आदेश पर बनाया गया, इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि आग लगाई गई है और शॉर्ट सर्किट का नाम देकर सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। सिविल सर्जन चैंबर में आग कैसे लगी, इसकी भी गहन जांच की जाएगी।  

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