नालंदा में विवाहिता से दरिंदगी मामले में एक्शन:अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले भी रडार पर

नालंदा में विवाहिता से दरिंदगी मामले में एक्शन:अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले भी रडार पर

नालंदा में शादीशुदा महिला के साथ गैंगरेप की कोशिश मामले में पुलिस का एक्शन जारी है। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है। डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि 26 मार्च को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद अशोक यादव और मतलू उर्फ नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य मुख्य आरोपी रविकांत कुमार ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी इसके अतिरिक्त, घटना के दौरान बनाए गए वीडियो के जांच के आधार पर सात अन्य आरोपियों रंजन कुमार, सचिन कुमार, दशरथ चौधरी, शैलेश कुमार, डोमन पासवान, सोनू कुमार और अनीता देवी की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच के दौरान पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया है, जिसमें उसने छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। ताकि तकनीकी साक्ष्य पुख्ता किए जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब शेष बचे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है वहीं, दूसरी ओर इस मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस का डंडा चला है। साइबर थाना नालंदा में इस कृत्य के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर पीड़िता की निजता भंग करना एक गंभीर अपराध है, जिसके तहत आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। आपत्तिजनक वीडियो शेयर करना अपराध है नालंदा पुलिस ने आम जनता को सख्त हिदायत देते हुए अपील की है कि इस घटना से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या वीडियो को शेयर, फॉरवर्ड या प्रसारित न करें। पुलिस की सोशल मीडिया सेल इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर सतत निगरानी रख रही है। नियम के खिलाफ कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर अब तक अपलोड किए गए आपत्तिजनक वीडियो को नोडल एजेंसी के सहयोग से हटवा दिया गया है और शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द ही सुनिश्चित कर ली जाएगी। नालंदा में शादीशुदा महिला के साथ गैंगरेप की कोशिश मामले में पुलिस का एक्शन जारी है। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है। डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि 26 मार्च को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद अशोक यादव और मतलू उर्फ नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य मुख्य आरोपी रविकांत कुमार ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी इसके अतिरिक्त, घटना के दौरान बनाए गए वीडियो के जांच के आधार पर सात अन्य आरोपियों रंजन कुमार, सचिन कुमार, दशरथ चौधरी, शैलेश कुमार, डोमन पासवान, सोनू कुमार और अनीता देवी की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच के दौरान पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया है, जिसमें उसने छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। ताकि तकनीकी साक्ष्य पुख्ता किए जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब शेष बचे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है वहीं, दूसरी ओर इस मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस का डंडा चला है। साइबर थाना नालंदा में इस कृत्य के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर पीड़िता की निजता भंग करना एक गंभीर अपराध है, जिसके तहत आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। आपत्तिजनक वीडियो शेयर करना अपराध है नालंदा पुलिस ने आम जनता को सख्त हिदायत देते हुए अपील की है कि इस घटना से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या वीडियो को शेयर, फॉरवर्ड या प्रसारित न करें। पुलिस की सोशल मीडिया सेल इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर सतत निगरानी रख रही है। नियम के खिलाफ कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर अब तक अपलोड किए गए आपत्तिजनक वीडियो को नोडल एजेंसी के सहयोग से हटवा दिया गया है और शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द ही सुनिश्चित कर ली जाएगी।  

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