मुजफ्फरपुर रेड लाइट एरिया केस में कार्रवाई, कमरे सील:नाबालिग लड़कियों का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज; आरोपी मां-बेटी को भेजा जेल

मुजफ्फरपुर रेड लाइट एरिया केस में कार्रवाई, कमरे सील:नाबालिग लड़कियों का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज; आरोपी मां-बेटी को भेजा जेल

मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से 6 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू हुआ है। जबरन देह व्यापार कराए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात पुलिस ने इलाके में दोबारा रेड की और जिस कमरे से नाबालिग लड़कियां बरामद की गई थी, उसे सील कर दिया है। लड़कियों को बिहार, पश्चिम बंगाल-ओडिशा से खरीद कर लाया गया था और कथित रिश्तेदार के घर पर रखा गया था। शनिवार को सभी पीड़ित नाबालिग लड़कियों का मेडिकल कराया गया।164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बयान के आधार पर अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नगर थाना में दर्ज FIR के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), नई दिल्ली से मिली सूचना के बाद की गई। सूचना में कहा गया था कि शुक्ला रोड इलाके में नाबालिग लड़कियों से जबरन अनैतिक देह व्यापार और शारीरिक शोषण कराया जा रहा है। रेस्क्यू फाउंडेशन, नई दिल्ली के जांच अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया है। दो घरों में रेड, 6 नाबालिग बरामद FIR के मुताबिक, शुक्रवार को नगर थाना पुलिस और रेस्क्यू फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग घरों में छापेमारी की। पहली रेड शुक्ला रोड, मैना गली में सबाना खातून उर्फ सुनिता के घर में हुई, जहां से तीन नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया। तलाशी के दौरान कमरे से कई आपत्तिजनक सामान मिले, जिन्हें जब्त किया गया। दूसरी रेड कुमारी पल्लवी के घर में की गई, जहां से भी तीन नाबालिग लड़कियां बरामद की गई। यहां से भी आपत्तिजनक सामान के साथ पेटीएम स्कैनर भी मिला, जिससे डिजिटल पेमेंट के जरिए अवैध कमाई की आशंका जताई गई है। जबरन कराया जाता था देह व्यापार मुक्त कराई गई नाबालिग लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उनसे डराकर और दबाव बनाकर देह व्यापार कराया जाता था। ग्राहकों से मिलने वाली पूरी रकम घर की संचालिकाएं खुद रख लेती थी। बाहर निकलने या किसी से संपर्क करने की उन्हें इजाजत नहीं थी। मां-बेटी गिरफ्तार, पल्लवी फरार पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद सबाना खातून उर्फ सुनिता(65 ) और बानो खातून (37) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दोनों मां-बेटी को शनिवार देर शाम विशेष POCSO कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीसरी आरोपी कुमारी पल्लवी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गंभीर धाराओं में केस पुलिस ने इस मामले में POCSO एक्ट, अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (ITPA), किशोर न्याय अधिनियम,और मानव तस्करी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। रात में फिर दबिश, कमरा सील रेस्क्यू के बाद शुक्रवार रात पुलिस ने एक बार फिर इलाके में दबिश दी। जिस कमरे से नाबालिग लड़कियां बरामद हुई थी, उसे सील कर दिया गया, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके। इस कार्रवाई के बाद रेड लाइट एरिया में सक्रिय कई संदिग्ध संचालक घर में ताला लगाकर फरार है। पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने कहा कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है। सभी पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है। जो भी इस नेटवर्क से जुड़ा होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से 6 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू हुआ है। जबरन देह व्यापार कराए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात पुलिस ने इलाके में दोबारा रेड की और जिस कमरे से नाबालिग लड़कियां बरामद की गई थी, उसे सील कर दिया है। लड़कियों को बिहार, पश्चिम बंगाल-ओडिशा से खरीद कर लाया गया था और कथित रिश्तेदार के घर पर रखा गया था। शनिवार को सभी पीड़ित नाबालिग लड़कियों का मेडिकल कराया गया।164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बयान के आधार पर अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नगर थाना में दर्ज FIR के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), नई दिल्ली से मिली सूचना के बाद की गई। सूचना में कहा गया था कि शुक्ला रोड इलाके में नाबालिग लड़कियों से जबरन अनैतिक देह व्यापार और शारीरिक शोषण कराया जा रहा है। रेस्क्यू फाउंडेशन, नई दिल्ली के जांच अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया है। दो घरों में रेड, 6 नाबालिग बरामद FIR के मुताबिक, शुक्रवार को नगर थाना पुलिस और रेस्क्यू फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग घरों में छापेमारी की। पहली रेड शुक्ला रोड, मैना गली में सबाना खातून उर्फ सुनिता के घर में हुई, जहां से तीन नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया। तलाशी के दौरान कमरे से कई आपत्तिजनक सामान मिले, जिन्हें जब्त किया गया। दूसरी रेड कुमारी पल्लवी के घर में की गई, जहां से भी तीन नाबालिग लड़कियां बरामद की गई। यहां से भी आपत्तिजनक सामान के साथ पेटीएम स्कैनर भी मिला, जिससे डिजिटल पेमेंट के जरिए अवैध कमाई की आशंका जताई गई है। जबरन कराया जाता था देह व्यापार मुक्त कराई गई नाबालिग लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उनसे डराकर और दबाव बनाकर देह व्यापार कराया जाता था। ग्राहकों से मिलने वाली पूरी रकम घर की संचालिकाएं खुद रख लेती थी। बाहर निकलने या किसी से संपर्क करने की उन्हें इजाजत नहीं थी। मां-बेटी गिरफ्तार, पल्लवी फरार पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद सबाना खातून उर्फ सुनिता(65 ) और बानो खातून (37) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दोनों मां-बेटी को शनिवार देर शाम विशेष POCSO कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीसरी आरोपी कुमारी पल्लवी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गंभीर धाराओं में केस पुलिस ने इस मामले में POCSO एक्ट, अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (ITPA), किशोर न्याय अधिनियम,और मानव तस्करी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। रात में फिर दबिश, कमरा सील रेस्क्यू के बाद शुक्रवार रात पुलिस ने एक बार फिर इलाके में दबिश दी। जिस कमरे से नाबालिग लड़कियां बरामद हुई थी, उसे सील कर दिया गया, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके। इस कार्रवाई के बाद रेड लाइट एरिया में सक्रिय कई संदिग्ध संचालक घर में ताला लगाकर फरार है। पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने कहा कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है। सभी पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है। जो भी इस नेटवर्क से जुड़ा होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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