उत्तर प्रदेश की बनारस कैंट पुलिस ने कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र से 2 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले के आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान प्रयागराज के नैनी थाना अंतर्गत गरीब दास मामा भांजा का तालाब निवासी केदारनाथ केसरी के बेटा अरविंद कुमार केसरी के रूप में हुई है। अरविंद कुमार केसरी बनारस कैंट क्षेत्र की एक कंपनी में कर्मचारी था। उस पर कंपनी से 2 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला कर फरार होने का आरोप है। कंपनी मालिक ने वर्ष 2024 में बनारस कैंट थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से बनारस कैंट थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। किराए के मकान से आरोपी गिरफ्तार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी कैमूर जिले के मोहनिया में छिपा हुआ है। इस सूचना पर बनारस कैंट पुलिस मोहनिया थाना पहुंची। मोहनिया थाना के सहयोग से पुलिस ने शुभम होटल के बगल में स्थित एक किराए के मकान से अरविंद को गिरफ्तार किया। मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपी कंपनी से धोखाधड़ी के बाद मोहनिया में छिपा हुआ था, जिसे गिरफ्तार कर बनारस ले जाया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में अंतरराज्यीय सहयोग की सराहना की है। मामले की जांच जारी है, जिसमें घोटाले की पूरी रकम की बरामदगी और अन्य संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की बनारस कैंट पुलिस ने कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र से 2 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले के आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान प्रयागराज के नैनी थाना अंतर्गत गरीब दास मामा भांजा का तालाब निवासी केदारनाथ केसरी के बेटा अरविंद कुमार केसरी के रूप में हुई है। अरविंद कुमार केसरी बनारस कैंट क्षेत्र की एक कंपनी में कर्मचारी था। उस पर कंपनी से 2 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला कर फरार होने का आरोप है। कंपनी मालिक ने वर्ष 2024 में बनारस कैंट थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से बनारस कैंट थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। किराए के मकान से आरोपी गिरफ्तार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी कैमूर जिले के मोहनिया में छिपा हुआ है। इस सूचना पर बनारस कैंट पुलिस मोहनिया थाना पहुंची। मोहनिया थाना के सहयोग से पुलिस ने शुभम होटल के बगल में स्थित एक किराए के मकान से अरविंद को गिरफ्तार किया। मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपी कंपनी से धोखाधड़ी के बाद मोहनिया में छिपा हुआ था, जिसे गिरफ्तार कर बनारस ले जाया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में अंतरराज्यीय सहयोग की सराहना की है। मामले की जांच जारी है, जिसमें घोटाले की पूरी रकम की बरामदगी और अन्य संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जा रहा है।


