भीलवाड़ा शहर में गोवंश के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस को सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने आरोपी का 2 हजार किलोमीटर पीछा करते हुए बांग्लादेश बॉर्डर से दबोच लिया है और पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वायरल वीडियो से वारदात का पता चला थानाधिकारी शिवराज गुर्जर ने बताया कि सोशल मिडिया के जरीये मिली एक विडियो में अज्ञात व्यक्ति गोवंश के साथ गलत हरकत करते हुए दिखाई दे रहा है, यह घटना 1-2 दिन पुरानी ही बताई जा रही थी। इस वीडियो के सोशल मिडिया पर वायरल होने से पूरे हिन्दु समाज मे भारी गुस्सा था, गलत हरकत करने वाले आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए गए थे। 1500 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया घटना के बाद रिपोर्ट मिलने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के दिशा निर्देश में तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।इन टीमों ने घटनास्थल के पास से लेकर शहर में कई दुकानों तथा रेल्वे स्टेशन व अभय कमाण्ड सेन्टर सहित करीब 1500 सीसीटीवी कैमरों को चेक कर अज्ञात आरोपी की फोटो व वीडियो से पहचान की गई।भीलवाडा व अन्य जिलों के पुलिस के सभी सोशल मीडिया ग्रुपों में भेज कर पहचान के प्रयास किये गये। ट्रेन में बैठकर आने और वारदात करने का पता चला पुलिस टीम द्वारा फोटो के आधार पर प्रेस नोट जारी कर आरोपी का हुलिया स्टेट कंट्रोल रूम को भिजवाया, राजस्थान और देश के सभी राज्यों के स्टेट कंट्रोल,आरपीएफ,जीआरपी को भिजवाया गया। सीसीटीवी कैमरों के इन्वेस्टिगेशन से पता लगा की अज्ञात आरोपी ट्रेन में बैठकर भीलवाडा आकर वारदात करता है और फिर ट्रेन से रवाना हो जाता है,इस पर टीम को आरोपी की तलाश के लिए विभिन्न रेल्वे स्टेशनों पर रवाना किया गया और भीलवाडा रेल्वे स्टेशन पर निगरानी रखी गयी। 40 ट्रेनों के हर कोच को चेक किया भीलवाडा रेल्वे स्टेशन पर डेली आने जाने वाली करीब 40 ट्रेनों के हर डिब्बे को चैक किया।टीमों द्वारा भीलवाडा से लेकर अजमेर, फुलेरा, जयपुर, मेडता, सांभर, जोधपुर, दौसा, बांदीकुई, भरतपुर, अछनेरा, आगरा फोर्ट, आगरा केन्ट, टुन्डला, ईटावा, कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, आसनसोल, आदि रेल्वे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज चेक करने के बाद पता चला की आरोपी ट्रेन में बैठकर किशनगंज (बिहार), बांग्लादेश बोर्डर की तरफ गया हुआ है इस पर टीम ने आरोपी को किशनगंज (बिहार) रेल्वे स्टेशन से डिटेन करने में सफलता हासिल की गयी।


