औरंगाबाद में पुलिस पर बदसलूकी का आरोप:वाहन जांच के लिए कार सवारों को रोका था, महिला ने कहा- पुलिस ने अभद्र भाषा में बात की

औरंगाबाद में पुलिस पर बदसलूकी का आरोप:वाहन जांच के लिए कार सवारों को रोका था, महिला ने कहा- पुलिस ने अभद्र भाषा में बात की

औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को वाहन जांच के दौरान एक महिला और उसके बच्चे के साथ बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अंबा थाना में पदस्थापित दारोगा नारायणी शिवम और एएसआई औरंगजेब खान की ओर से अंबा औरंगाबाद मुख्य पथ एनएच-139 पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान औरंगाबाद से हरिहरगंज की ओर जा रही एक स्विफ्ट कार को जांच के लिए रोका गया। कार में एक महिला अपने बेटे के साथ बैठी हुई थी, जबकि ड्राइवर गाड़ी चला रहे थे। पुलिस पर बदसलूकी का लगाया आरोप कार सवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गाड़ी रुकवाई। एक महिला पुलिस पदाधिकारी ने कार में बैठी महिला से गाड़ी से उतरने के लिए कहा। महिला ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आपलोग गाड़ी के पेपर की जांच कर लें। कागज में दिक्कत है को चालान काट लें। आरोपी है कि इसी दौरान महिला पुलिस पदाधिकारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो बनाने पर पुलिस वालों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
लोगों ने पुलिस पदाधिकारी को संयम रहने की सहाल दी थी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने महिला पुलिस पदाधिकारी को संयम बरतने की सलाह भी दी, लेकिन स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही। इसी दौरान वहां मौजूद मामला बढ़ने के बाद इसकी जानकारी एसडीपीओ सदर -1 संजय पांडेय को दी गई। सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन जांच के दौरान पुलिस का व्यवहार इसी तरह का रहेगा तो पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध बनाने की कोशिशें प्रभावित हो सकती हैं।
बिना सीट बेल्ट के जा रहे थे, रोका तो हंगामा किया पुलिस पदाधिकारी औरंगजेब खान ने बताया कि वाहन जांच के दौरान गाड़ी रुकवाने के लिए पुलिस पदाधिकारी नारायणी शिवम और कार सवार लोगों के बीच बहस हो रही थी। मैं जब वहां पहुंचा तो कर सवार किशोर ने पुलिस पदाधिकारी का नाम पूछा। मैंने उनका नाम प्लेट देखने को कहा तो वह भड़क गया और बदसलूकी का आरोप लगाने लगा। वहीं, महिला पुलिस पदाधिकारी नारायणी शिवम ने उसके ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना सीट बेल्ट के पकड़े जाने पर कार सवार लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को वाहन जांच के दौरान एक महिला और उसके बच्चे के साथ बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अंबा थाना में पदस्थापित दारोगा नारायणी शिवम और एएसआई औरंगजेब खान की ओर से अंबा औरंगाबाद मुख्य पथ एनएच-139 पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान औरंगाबाद से हरिहरगंज की ओर जा रही एक स्विफ्ट कार को जांच के लिए रोका गया। कार में एक महिला अपने बेटे के साथ बैठी हुई थी, जबकि ड्राइवर गाड़ी चला रहे थे। पुलिस पर बदसलूकी का लगाया आरोप कार सवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गाड़ी रुकवाई। एक महिला पुलिस पदाधिकारी ने कार में बैठी महिला से गाड़ी से उतरने के लिए कहा। महिला ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आपलोग गाड़ी के पेपर की जांच कर लें। कागज में दिक्कत है को चालान काट लें। आरोपी है कि इसी दौरान महिला पुलिस पदाधिकारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो बनाने पर पुलिस वालों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
लोगों ने पुलिस पदाधिकारी को संयम रहने की सहाल दी थी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने महिला पुलिस पदाधिकारी को संयम बरतने की सलाह भी दी, लेकिन स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही। इसी दौरान वहां मौजूद मामला बढ़ने के बाद इसकी जानकारी एसडीपीओ सदर -1 संजय पांडेय को दी गई। सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन जांच के दौरान पुलिस का व्यवहार इसी तरह का रहेगा तो पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध बनाने की कोशिशें प्रभावित हो सकती हैं।
बिना सीट बेल्ट के जा रहे थे, रोका तो हंगामा किया पुलिस पदाधिकारी औरंगजेब खान ने बताया कि वाहन जांच के दौरान गाड़ी रुकवाने के लिए पुलिस पदाधिकारी नारायणी शिवम और कार सवार लोगों के बीच बहस हो रही थी। मैं जब वहां पहुंचा तो कर सवार किशोर ने पुलिस पदाधिकारी का नाम पूछा। मैंने उनका नाम प्लेट देखने को कहा तो वह भड़क गया और बदसलूकी का आरोप लगाने लगा। वहीं, महिला पुलिस पदाधिकारी नारायणी शिवम ने उसके ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना सीट बेल्ट के पकड़े जाने पर कार सवार लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया।  

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