गोरखपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर चार से मानसिक रूप से बीमार किशोरी को आरोपियों के चंगुल से बचाने वाले होमगार्ड की खूब सराहना हो रही है। किशोरी को जबरन ई-रिक्शा में बैठाकर ले जा रहे तीन आरोपियों को होमगार्ड विजय प्रताप सिंह ने पकड़वाया। सोमवार को होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस ऑफिस बुलाकर सम्मानित किया। साथ ही 10 हजार रुपये का इनाम भी दिया। होमगार्ड की सतर्कता के कारण किशोरी को बचाया गया। साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। होमगार्ड विजय प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह करीब 9:30 बजे कार्मल रोड पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान रांग साइड से आ रहे ई-रिक्शा पर नजर पड़ी तो रोका। ई-रिक्शा में तीन युवक और एक किशोरी बैठी थी जो खुद को छुड़ाने का प्रयास कर रही थी। स्थिति को भांपते हुए तुरंत ई-रिक्शा रोक लिया। पूछताछ करने पर दो युवक भाग निकले, जबकि चालक को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची कैंट थाना पुलिस ने चार घंटे के अंदर ही दोनों फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि ई-रिक्शा चालक आकाश मिश्रा ने यह ई-रिक्शा किराए पर ले रखा था। तीनों आरोपियों ने गेट नंबर चार के पास से किशोरी को उठाकर दुष्कर्म की मंशा से सुनसान जगह ले जा रहे थे। कैंट पुलिस ने ई-रिक्शा चालक कैंपियरगंज के मोहम्मदपुर निवासी आकाश मिश्रा,कुशीनगर के दुधही में रहने वाले अजय जायसवाल और शाहपुर के पादरी बाजार निवासी बजरंगी डोम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अपहरण की शिकार हुई किशोरी अपना नाम-पता नहीं बता पा रही है। उसे बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल स्थित मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार वह गहरे सदमे में है और उसके ठीक होने में समय लग सकता है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला कैंट थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड से रविवार की सुबह एक मानसिक विक्षप्ति किशोरी का ई-रिक्शा सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। आरोपी किशोरी से दुष्कर्म करने के लिए सुनसान जगह की तलाश में थे। तभी चंद कदम की दूरी पर ही कार्मल रोड पर तैनात होमगार्ड की नजर पड़ गई। किशोरी को असहज हाल में देखकर होमगार्ड ने ई-रिक्शा को रोक दिया और शोर मचाया। आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। पुलिस व लोगों को देखकर सभी आरोपी ई-रिक्शा व किशोरी को छोड़कर भागने लगे। नशे में धुत ऑटो चालक को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दो फरार हो गए थे। लेकिन शाम तक पुलिस ने घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ चौकी इंचार्ज गोलघर अवनीश पांडेय की तहरीर पर अपहरण, गलत मंशा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद की देखें तस्वीरें पकड़े गए आरोपियों की पहचान कैंपियरगंज के मोहम्मदपुर निवासी आकाश मिश्रा, कुशीनगर जिले के विशुनपुर थाना क्षेत्र के दुधरा निवासी अजय जायसवाल व शाहपुर के पादरीबाजार निवासी बजरंगी के रूप में हुई है। कबाड़ बिनती है मानसिक बीमार किशोरी मानसिक रूप से बीमार किशोरी रेलवे स्टेशन रोड पर कबाड़ बिन रही थी। इसी दौरान तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी और उसे जबरन अपने ई-रिक्शा में बैठा लिए। तीनों उससे दुष्कर्म करने की नीयत से सुनसान जगह की तलाश में थे। रविवार होने की वजह से कार्मल स्कूल रोड पर भीड़ कम होती है और यही पर एक निर्माणाधीन भवन में झाड़ियां भी है। इस वजह से उसे उस ओर झाड़ी में लेकर जाने के लिए निकले थे। लेकिन, सुबह करीब 9.30 बजे ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड विजय प्रताप सिंह की नजर एक ई-रिक्शा पर पड़ गई, जो रॉन्ग साइड से आ रहे थे। ई-रिक्शा में तीन पुरुषों के साथ एक किशोरी के बैठे होने से उन्हें शक हो गया, क्योंकि किशोरी खुद को छुड़ाने का प्रयास कर रही थी। स्थिति को भांपते हुए होमगार्ड विजय प्रताप सिंह सड़क पार कर ई-रिक्शा के पास पहुंचे। उन्होंने किशोरी की स्थिति देखकर समझ लिया कि उसे जबरन ले जाया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए आसपास मौजूद लोगों की मदद से ई-रिक्शा चालक को पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से घबराकर चालक के दो साथी मौके से भाग निकले। हालांकि, होमगार्ड ने बहादुरी दिखाते हुए चालक को भागने नहीं दिया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। बाद में उससे पूछताछ कर पुलिस ने उसके दो साथियों का पता लगाया और उसे भी गिरफ्तार कर लिया।


