मधेपुरा में BCM पर रिश्वत मांगने का आरोप, VIDEO:पे आईडी बनाने के लिए आशा से मांगे 500 रुपए, CS ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

मधेपुरा में BCM पर रिश्वत मांगने का आरोप, VIDEO:पे आईडी बनाने के लिए आशा से मांगे 500 रुपए, CS ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) ने आशा कार्यकर्ता से पे आईडी बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुरहो पीएचसी से जुड़ा है मामला यह मामला मुरहो प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अंतर्गत बुधमा पंचायत का बताया जा रहा है। यहां वार्ड संख्या आठ निवासी आशा कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी ने प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) पर खुलेआम रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में मुरहो पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर दोषी बीसीएम पर कार्रवाई की मांग की है। मीटिंग के बहाने बुलाकर मांगी रिश्वत आशा कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी ने अपने आवेदन में बताया है कि 10 जनवरी को संबंधित बीसीएम ने उन्हें मीटिंग के बहाने अस्थायी रूप से संचालित कार्यालय में बुलाया था। जब वह वहां पहुंचीं तो बीसीएम ने उनसे पे आईडी बनाने के नाम पर 500 रुपये की मांग की। पुष्पा कुमारी का कहना है कि यह राशि पूरी तरह से अवैध थी, क्योंकि पे आईडी बनाने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। वायरल वीडियो में रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि आशा कार्यकर्ता ने बीसीएम द्वारा की गई बातचीत को अपने मोबाइल फोन में वीडियो के रूप में रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बीसीएम और आशा कार्यकर्ता के बीच हुई बातचीत साफ तौर पर सुनी जा सकती है। वीडियो में बातचीत इस प्रकार है बीसीएम: पुष्पा नाम है तुम्हारा? आशा कार्यकर्ता: जी सर। बीसीएम: पैसा लाई हो? आशा कार्यकर्ता: कितना पैसा? बीसीएम: पांच सौ दो न। आशा कार्यकर्ता: किस चीज का रुपया सर? बीसीएम: पे आईडी बनाना था ना? आशा कार्यकर्ता: पे आईडी में 500 रुपया लगता है सर? बीसीएम: तब लगता नहीं है। तुम और तुम्हारा दूल्हा अलग पिंगल पढ़ता है। पैसे नहीं देने पर धमकी देने का आरोप पुष्पा कुमारी ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया तो बीसीएम ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बीसीएम ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी सभी रिपोर्ट को गलत मान लिया जाएगा और हर महीने उनके मानदेय से पैसे काट लिए जाएंगे। इतना ही नहीं, बीसीएम ने यह धमकी भी दी कि उन्हें और उनके पति को दौड़ाते-दौड़ाते परेशान कर देंगे। इस धमकी से आशा कार्यकर्ता मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचा हड़कंप आशा कार्यकर्ता द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से लेकर आम लोग तक इस घटना की निंदा कर रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं से ही रिश्वत मांगी जा रही है, तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी। सिविल सर्जन ने जांच का दिया आश्वासन वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी। सिविल सर्जन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ आवश्यक कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सौंपा गया आवेदन फिलहाल आशा कार्यकर्ता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर मुरहो पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मामले की प्रारंभिक जांच कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) ने आशा कार्यकर्ता से पे आईडी बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुरहो पीएचसी से जुड़ा है मामला यह मामला मुरहो प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अंतर्गत बुधमा पंचायत का बताया जा रहा है। यहां वार्ड संख्या आठ निवासी आशा कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी ने प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) पर खुलेआम रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में मुरहो पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर दोषी बीसीएम पर कार्रवाई की मांग की है। मीटिंग के बहाने बुलाकर मांगी रिश्वत आशा कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी ने अपने आवेदन में बताया है कि 10 जनवरी को संबंधित बीसीएम ने उन्हें मीटिंग के बहाने अस्थायी रूप से संचालित कार्यालय में बुलाया था। जब वह वहां पहुंचीं तो बीसीएम ने उनसे पे आईडी बनाने के नाम पर 500 रुपये की मांग की। पुष्पा कुमारी का कहना है कि यह राशि पूरी तरह से अवैध थी, क्योंकि पे आईडी बनाने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। वायरल वीडियो में रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि आशा कार्यकर्ता ने बीसीएम द्वारा की गई बातचीत को अपने मोबाइल फोन में वीडियो के रूप में रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बीसीएम और आशा कार्यकर्ता के बीच हुई बातचीत साफ तौर पर सुनी जा सकती है। वीडियो में बातचीत इस प्रकार है बीसीएम: पुष्पा नाम है तुम्हारा? आशा कार्यकर्ता: जी सर। बीसीएम: पैसा लाई हो? आशा कार्यकर्ता: कितना पैसा? बीसीएम: पांच सौ दो न। आशा कार्यकर्ता: किस चीज का रुपया सर? बीसीएम: पे आईडी बनाना था ना? आशा कार्यकर्ता: पे आईडी में 500 रुपया लगता है सर? बीसीएम: तब लगता नहीं है। तुम और तुम्हारा दूल्हा अलग पिंगल पढ़ता है। पैसे नहीं देने पर धमकी देने का आरोप पुष्पा कुमारी ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया तो बीसीएम ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बीसीएम ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी सभी रिपोर्ट को गलत मान लिया जाएगा और हर महीने उनके मानदेय से पैसे काट लिए जाएंगे। इतना ही नहीं, बीसीएम ने यह धमकी भी दी कि उन्हें और उनके पति को दौड़ाते-दौड़ाते परेशान कर देंगे। इस धमकी से आशा कार्यकर्ता मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचा हड़कंप आशा कार्यकर्ता द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से लेकर आम लोग तक इस घटना की निंदा कर रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं से ही रिश्वत मांगी जा रही है, तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी। सिविल सर्जन ने जांच का दिया आश्वासन वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी। सिविल सर्जन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ आवश्यक कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सौंपा गया आवेदन फिलहाल आशा कार्यकर्ता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर मुरहो पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मामले की प्रारंभिक जांच कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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