गुना में कपड़ा व्यापारी को असली सोने के मोती दिखाकर विश्वास में लेने और फिर पत्नी की बीमारी (कैंसर) का बहाना बनाकर 9 लाख रुपए ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के जालोर से एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी की रकम में से 5.17 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं। प्रकाश टॉकीज गली निवासी प्रवीण जैन (48) की ‘चिराग कटपीस’ नाम से कपड़ों की दुकान है। पुलिस के मुताबिक, करीब दो महीने पहले दो व्यक्ति उनकी दुकान पर आए और कपड़े खरीदे। इस दौरान उन्होंने प्रवीण को सोने के दो मोती दिखाए और चेक कराने को कहा। प्रवीण ने सुनार से जांच कराई तो मोती असली निकले। अगले दिन वे लोग आए और मोती वापस ले गए। इस तरह उन्होंने व्यापारी को यह भरोसा दिला दिया कि उनके पास असली सोना है। रूठियाई बुलाकर थमा दी नकली जेवरों की पोटली भरोसा जीतने के बाद ठगों ने 15 अक्टूबर को अपना जाल फेंका। दोपहर 3 बजे प्रवीण को फोन कर झूठ बोला कि पत्नी को कैंसर है, हालत बहुत खराब है और इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। उन्होंने 9 लाख रुपए लेकर रूठियाई आने को कहा और बदले में सोने के जेवर देने की बात कही। व्यापारी अपनी पत्नी के साथ 9 लाख रुपए लेकर रूठियाई पहुंच गया। वहां स्टेट बैंक के पास एक गुमटी पर ठग मिले। उन्होंने पैसे लिए और जेवरों की एक पोटली थमाकर चले गए। अगले दिन जब प्रवीण ने सुनार से जेवर चेक कराए, तो वे नकली निकले। ठगों का नंबर भी बंद आने लगा। इसके बाद 5 दिसंबर को धरनावदा थाने में केस दर्ज कराया गया। राजस्थान के जालोर से पकड़ाया गैंग राघौगढ़ एसडीओपी दीपा डोडवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सुराग मिलने पर पुलिस ने राजस्थान के जालोर जिले में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी ऊदाराम बागरी (35), उसकी पत्नी मंजू बागरी (34) और साथी हरिराम बागरी (42) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से 5 लाख 17 हजार रुपए बरामद किए हैं, बाकी पैसे उन्होंने कर्ज चुकाने और खर्च करने की बात कही। ठगी का तरीका- पहले छोटी खरीदी, फिर बड़ा दांव एसडीओपी ने बताया कि यह अंतरराज्यीय गिरोह है। ये लोग दुकानों पर छोटे-छोटे सामान खरीदकर पहले व्यापारियों से जान-पहचान बढ़ाते हैं। फिर असली सोने का सैंपल दिखाकर विश्वास जीतते हैं। अंत में बीमारी या आर्थिक संकट का बहाना बनाकर नकली सोने की पूरी खेप थमाकर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। नकली माला में वे चालाकी से कुछ असली दाने भी लगा देते थे ताकि व्यापारी को शक न हो। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


