समस्तीपुर में लोजपा(आर.) नेता अंटू ईशर पर गोलीबारी का तार गंगा ब्रिज पर मिले शव से जुड़ गया है। घटना के दिन दोनों पक्ष की ओर से गोली चली थी। गोलीबारी में जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के बेटे भानु की मौत हो गई थी। शव गंगा ब्रिज के पिलर नंबर-1 पर कार में मिली थी। वैशाली पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी अभिषेक कुमार को जहानाबाद के मुसहौली गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अंटू ईशर की हत्या के लिए 10 लाख की सुपारी मिली थी। 2 अपराधियों को लगी थी गोली वैशाली पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को अभिषेक कुमार अपने साथियों के साथ समस्तीपुर पहुंचा था। घटना को अंजाम देने के लिए बहादुरपुर इलाके में फोर व्हीलर और बाइक से पहुंचा था। जब अंटू ईशर पर गोलीबारी की गई तो, उसके साथियों ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। इसी दौरान गोली लगने से भानु कुमार और उसका एक साथी घायल हो गया। गोलीबारी के बाद सभी आरोपी महुआ के रास्ते पटना पहुंच गए। वहां एक निजी अस्पताल में डॉक्टर ने भानु कुमार को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आरोपी दियारा क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गंगा ब्रिज थाना पुलिस की गश्ती वाहन को देखकर सभी घबरा गए। कार सहित शव को गांधी सेतु के पिलर नंबर-1 के पास छोड़कर फरार हो गए। गलती से मृतक का सिम कार्ड कार में ही गिर गया। जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान की और मामले का खुलासा हुआ। वैज्ञानिक अनुसंधान से खुलासा वैशाली के सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान कार में मिले सिम कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान जहानाबाद के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के पुत्र भानू कुमार के तौर पर हुई। स्थानीय थाना से मिली जानकारी के अनुसार भानू पर पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस जांच में यह सामने आया कि जिस कार से शव बरामद हुआ था, वह 18 फरवरी से ही घटनास्थल पर खड़ी थी। इसके बाद मृतक के मोबाइल नंबर का टावर लोकेशन लिया गया। जांच में पता चला कि भानू 16 फरवरी की शाम पटना से समस्तीपुर गया था। इसी आधार पर संदिग्ध अभिषेक कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। वारदात में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। वैशाली और समस्तीपुर पुलिस कर रही जांच वहीं, इस मामले में एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने कहा वैशाली पुलिस की ओर से गिरफ्तार बदमाश के बयान का सत्यापन कराया जा रहा है। पूरे मामले पर वैशाली और समस्तीपुर पुलिस सभी स्तरों पर संयुक्त रूप जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी होगी। जानिए क्या है पूरा मामला 17 फरवरी(मंगलवार) देर शाम लोजपा(आर.) नेता सह प्रॉपर्टी डीलर अंटू ईशर अपने बिजनेस पार्टनर के साथ मीटिंग करके घर लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही 6 बदमाशों ने हमला कर दिया। करीब 10 राउंड फायरिंग की गई। जानलेवा हमले में ईशर बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर शुभम कुमार को सीने में बुलेट लग गई। इस बीच बदमाश हथियार लहराते हुए फरार हो गए। इसके बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया। मुख्य आरोपी शत्रुघ्न राय पर हत्या का केस इस मामले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मगरदही वार्ड संख्या-35 निवासी शत्रुघ्न राय, मथुरापुर के शेखोपुर निवासी राजीव सिंह उर्फ पुल्लू सिंह, कबीर आश्रम स्टेशन रोड के राहुल यादव उर्फ चुसनी, स्टेशन रोड वार्ड संख्या-23 के मनीराम उर्फ मनीया और कबीर आश्रम स्टेशन रोड के लक्की खान समेत पांच से सात अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। सभी कुख्यात बदमाश है। मुख्य आरोपी शत्रुघ्न राय पर हत्या समेत कई मामले दर्ज है। लोकसभा चुनाव के दौरान शत्रुघ्न ने लोजपा(आर.)पार्टी में युवा नेता के रूप में सदस्यता ली थी। वहीं, पुल्लू सिंह सोना लूटकांड में आरोपी है। इसके अलावा चुसनी, मनीया पर लूट, गोलीबारी समेत कई मामला दर्ज है। घटना के पीछे जमीन कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई जानकारी के अनुसार अंटू ईशर पर भी कई अपराधिक मुकदमा दर्ज है। जिसमें हत्या का भी मामला शामिल है। अखिलेश राय, कुंदन यादव की हत्या का आरोप लगा था। हालांकि ज्यादातर मामलों में कोर्ट से राहत मिल चुकी है। बाद के दिनों में अपराध जगत को छोड़कर राजनीति में कदम रखा। कुछ साल से जमीन कारोबार से जुड़े हुए हैं। उधर, आरोपी बनाए गए शत्रुघ्न राय और पुल्लू सिंह भी जमीन कारोबार से जुड़े हुए हैं। जिसे कारण दोनों के बीच व्यवसायिक प्रतिद्वंदता बढ़ गई है। चर्चा है कि कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसको लेकर शत्रुघ्न और अंटू में तनातनी बढ़ गई थी। इस घटना के पीछे उक्त वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया है। समस्तीपुर में लोजपा(आर.) नेता अंटू ईशर पर गोलीबारी का तार गंगा ब्रिज पर मिले शव से जुड़ गया है। घटना के दिन दोनों पक्ष की ओर से गोली चली थी। गोलीबारी में जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के बेटे भानु की मौत हो गई थी। शव गंगा ब्रिज के पिलर नंबर-1 पर कार में मिली थी। वैशाली पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी अभिषेक कुमार को जहानाबाद के मुसहौली गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अंटू ईशर की हत्या के लिए 10 लाख की सुपारी मिली थी। 2 अपराधियों को लगी थी गोली वैशाली पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को अभिषेक कुमार अपने साथियों के साथ समस्तीपुर पहुंचा था। घटना को अंजाम देने के लिए बहादुरपुर इलाके में फोर व्हीलर और बाइक से पहुंचा था। जब अंटू ईशर पर गोलीबारी की गई तो, उसके साथियों ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। इसी दौरान गोली लगने से भानु कुमार और उसका एक साथी घायल हो गया। गोलीबारी के बाद सभी आरोपी महुआ के रास्ते पटना पहुंच गए। वहां एक निजी अस्पताल में डॉक्टर ने भानु कुमार को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आरोपी दियारा क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गंगा ब्रिज थाना पुलिस की गश्ती वाहन को देखकर सभी घबरा गए। कार सहित शव को गांधी सेतु के पिलर नंबर-1 के पास छोड़कर फरार हो गए। गलती से मृतक का सिम कार्ड कार में ही गिर गया। जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान की और मामले का खुलासा हुआ। वैज्ञानिक अनुसंधान से खुलासा वैशाली के सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान कार में मिले सिम कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान जहानाबाद के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के पुत्र भानू कुमार के तौर पर हुई। स्थानीय थाना से मिली जानकारी के अनुसार भानू पर पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस जांच में यह सामने आया कि जिस कार से शव बरामद हुआ था, वह 18 फरवरी से ही घटनास्थल पर खड़ी थी। इसके बाद मृतक के मोबाइल नंबर का टावर लोकेशन लिया गया। जांच में पता चला कि भानू 16 फरवरी की शाम पटना से समस्तीपुर गया था। इसी आधार पर संदिग्ध अभिषेक कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। वारदात में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। वैशाली और समस्तीपुर पुलिस कर रही जांच वहीं, इस मामले में एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने कहा वैशाली पुलिस की ओर से गिरफ्तार बदमाश के बयान का सत्यापन कराया जा रहा है। पूरे मामले पर वैशाली और समस्तीपुर पुलिस सभी स्तरों पर संयुक्त रूप जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी होगी। जानिए क्या है पूरा मामला 17 फरवरी(मंगलवार) देर शाम लोजपा(आर.) नेता सह प्रॉपर्टी डीलर अंटू ईशर अपने बिजनेस पार्टनर के साथ मीटिंग करके घर लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही 6 बदमाशों ने हमला कर दिया। करीब 10 राउंड फायरिंग की गई। जानलेवा हमले में ईशर बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर शुभम कुमार को सीने में बुलेट लग गई। इस बीच बदमाश हथियार लहराते हुए फरार हो गए। इसके बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया। मुख्य आरोपी शत्रुघ्न राय पर हत्या का केस इस मामले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मगरदही वार्ड संख्या-35 निवासी शत्रुघ्न राय, मथुरापुर के शेखोपुर निवासी राजीव सिंह उर्फ पुल्लू सिंह, कबीर आश्रम स्टेशन रोड के राहुल यादव उर्फ चुसनी, स्टेशन रोड वार्ड संख्या-23 के मनीराम उर्फ मनीया और कबीर आश्रम स्टेशन रोड के लक्की खान समेत पांच से सात अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। सभी कुख्यात बदमाश है। मुख्य आरोपी शत्रुघ्न राय पर हत्या समेत कई मामले दर्ज है। लोकसभा चुनाव के दौरान शत्रुघ्न ने लोजपा(आर.)पार्टी में युवा नेता के रूप में सदस्यता ली थी। वहीं, पुल्लू सिंह सोना लूटकांड में आरोपी है। इसके अलावा चुसनी, मनीया पर लूट, गोलीबारी समेत कई मामला दर्ज है। घटना के पीछे जमीन कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई जानकारी के अनुसार अंटू ईशर पर भी कई अपराधिक मुकदमा दर्ज है। जिसमें हत्या का भी मामला शामिल है। अखिलेश राय, कुंदन यादव की हत्या का आरोप लगा था। हालांकि ज्यादातर मामलों में कोर्ट से राहत मिल चुकी है। बाद के दिनों में अपराध जगत को छोड़कर राजनीति में कदम रखा। कुछ साल से जमीन कारोबार से जुड़े हुए हैं। उधर, आरोपी बनाए गए शत्रुघ्न राय और पुल्लू सिंह भी जमीन कारोबार से जुड़े हुए हैं। जिसे कारण दोनों के बीच व्यवसायिक प्रतिद्वंदता बढ़ गई है। चर्चा है कि कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसको लेकर शत्रुघ्न और अंटू में तनातनी बढ़ गई थी। इस घटना के पीछे उक्त वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया है।


