भोजपुर जिले की कोईलवर थाना पुलिस ने चर्चित कमालुचक दोहरे हत्याकांड मामले में एक की गिरफ्तारी की है। आरोपी 2 साल से फरार था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान कोईलवर थाना क्षेत्र के महादेवचक गांव निवासी रंजित बिंद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे महादेवचक गांव स्थित उसके घर से पकड़ा। पुलिस अधीक्षक राज ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। पुलिस के अनुसार घटना 1 मई 2024 की रात को कोईलवर थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में स्थित कमालुचक गदहिया बालू घाट पर हुई थी। बालू घाट पर वर्चस्व को लेकर बालू माफियाओं के 2 गुटों के बीच गोलीबारी हुई थी। फायरिंग के दौरान बालू घाट पर काम कर रहे सारण (छपरा) जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी हूंगी महतो के 20 वर्षीय बेटे विकास कुमार महतो और उसी गांव के तुलसी राय के 40 वर्षीय बेटे सुदर्शन राय की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, इसी गांव निवासी स्व. रजक महतो के 40 वर्षीय बेटे पूर्णमासी महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 38 को गिरफ्तार कर चुकी पुलिस मामले को लेकर मृतक विकास कुमार महतो के पिता हूंगी महतो के बयान पर कोईलवर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में बबुरा थाना क्षेत्र के पचरुखिया कला गांव निवासी सत्येंद्र पांडेय, उनके पुत्र नीरज पांडेय और पचरुखिया राजापुर गांव निवासी गुड्डू राय को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया और अब तक कुल 38 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में रंजित बिंद की संलिप्तता सामने आई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और इस कांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। भोजपुर जिले की कोईलवर थाना पुलिस ने चर्चित कमालुचक दोहरे हत्याकांड मामले में एक की गिरफ्तारी की है। आरोपी 2 साल से फरार था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान कोईलवर थाना क्षेत्र के महादेवचक गांव निवासी रंजित बिंद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे महादेवचक गांव स्थित उसके घर से पकड़ा। पुलिस अधीक्षक राज ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। पुलिस के अनुसार घटना 1 मई 2024 की रात को कोईलवर थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में स्थित कमालुचक गदहिया बालू घाट पर हुई थी। बालू घाट पर वर्चस्व को लेकर बालू माफियाओं के 2 गुटों के बीच गोलीबारी हुई थी। फायरिंग के दौरान बालू घाट पर काम कर रहे सारण (छपरा) जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी हूंगी महतो के 20 वर्षीय बेटे विकास कुमार महतो और उसी गांव के तुलसी राय के 40 वर्षीय बेटे सुदर्शन राय की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, इसी गांव निवासी स्व. रजक महतो के 40 वर्षीय बेटे पूर्णमासी महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 38 को गिरफ्तार कर चुकी पुलिस मामले को लेकर मृतक विकास कुमार महतो के पिता हूंगी महतो के बयान पर कोईलवर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में बबुरा थाना क्षेत्र के पचरुखिया कला गांव निवासी सत्येंद्र पांडेय, उनके पुत्र नीरज पांडेय और पचरुखिया राजापुर गांव निवासी गुड्डू राय को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया और अब तक कुल 38 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में रंजित बिंद की संलिप्तता सामने आई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और इस कांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।


