बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में पुलिस ने करीब दस साल पुराने आईटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे आरोपी गौरव आहूजा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से नाम बदलकर कानून की पकड़ से बच रहा था, लेकिन पुलिस की दोबारा जांच में उसकी चालाकी पकड़ में आ गई। पुलिस के अनुसार, थाना बारादरी में दर्ज इस मामले में रिपोर्ट होने के बाद गौरव आहूजा ने अपना नाम बदलकर जय आहूजा कर लिया था। जब भी अदालत से उसके घर वारंट पहुंचता, वह खुद को जय आहूजा बताकर कार्रवाई से बच निकलता था। इसी तरीके से वह कई वर्षों तक पुलिस और कोर्ट की नजर से बचता रहा। थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि हाल ही में मामले की फाइल की दोबारा जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की पहचान को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद टीम ने विभिन्न सरकारी अभिलेखों, दस्तावेजों और स्थानीय स्रोतों से जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में सामने आया कि गौरव आहूजा और जय आहूजा दरअसल एक ही व्यक्ति हैं। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए बदले हुए नाम से आधार कार्ड भी बनवा लिया था। पुलिस को जब पुख्ता सबूत मिल गए तो पूरी रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी के खिलाफ ‘गौरव आहूजा उर्फ जय आहूजा’ के नाम से वारंट जारी कर दिया। वारंट में दोनों नाम दर्ज होने के बाद आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। इसके बाद बारादरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने नाम बदलकर और किन-किन जगहों पर दस्तावेज बनवाए या किसी अन्य गतिविधि में शामिल रहा।


