इटावा शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में 19 मार्च को हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद थाना फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक किशोर अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए पूरे मामले में लीपापोती की है। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद कार चालक को मौके से ही पकड़ लिया गया था और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इस दौरान का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी को पकड़ते हुए देखा जा सकता है। लोगों का आरोप है कि पुलिस और अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद शुरुआती कार्रवाई में इसे नजरअंदाज किया गया। अज्ञात में मुकदमा दर्ज, बढ़ा आक्रोश
परिजनों ने सवाल उठाया कि जब आरोपी की पहचान हो चुकी थी और वह पुलिस की गिरफ्त में भी था, तो फिर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज किया गया। उनका कहना है कि इससे आरोपी को बचाने की कोशिश की आशंका पैदा होती है। इस मुद्दे को लेकर इलाके में भी लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है। 4 दिन बाद शांतिभंग में कार्रवाई
घटना के चार दिन बाद पुलिस ने आरोपी आदित्य शर्मा को कोर्ट में पेश किया, लेकिन उस पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय केवल शांतिभंग में कार्रवाई की गई। इससे परिजनों की नाराजगी और बढ़ गई है। घायल की हालत नाजुक, जांच की मांग
हादसे में घायल निखिल की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। उसे मेडिकल कॉलेज से आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी अमित मिश्रा के मुताबिक मृतक गुलाब सिंह के बेटे प्रशांत की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


