देवरिया में एसी प्रथम श्रेणी कोच में युवती से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को पीड़िता का न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया। रेलवे पुलिस (जीआरपी) को उम्मीद है कि यह बयान आरोपी डिप्टी सीटीआई राहुल कुमार के खिलाफ अहम साक्ष्य साबित होगा और जांच को दिशा देगा। अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने बयान को विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। घटना रविवार शाम लगभग पांच बजे गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में इंदारा और देवरिया के बीच हुई थी। मऊ जिले की 22 वर्षीय पीड़िता गोरखपुर में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रही थी। वह एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट की परीक्षा देकर लौट रही थी। युवती ने बताया कि ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में वह टिकट नहीं ले पाई थी, जिसके बाद उसकी मुलाकात ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारी से हुई। आरोप है कि डिप्टी सीटीआई राहुल कुमार ने उसे सीट दिलाने का आश्वासन दिया और एसी प्रथम श्रेणी कोच में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी देवरिया जिले के भटनी जंक्शन पर उतरकर फरार हो गया। पीड़िता ने पहले गोरखपुर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, घटना स्थल देवरिया क्षेत्र में होने के कारण मामला जांच के लिए जीआरपी देवरिया को स्थानांतरित कर दिया गया। विवेचक के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में घटनाक्रम को विस्तार से बताया है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी संकलित किए जा रहे हैं। आरोपी राहुल कुमार की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी की कई टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें वाराणसी सहित विभिन्न शहरों में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि, आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


