ABVP ने मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन:समस्याओं के समाधान की मांग; कहा- क्लास में पंखा, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है

ABVP ने मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन:समस्याओं के समाधान की मांग; कहा- क्लास में पंखा, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है

भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मारवाड़ी महाविद्यालय इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य को 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। महाविद्यालय में व्याप्त छात्र-संबंधी समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कॉलेज मंत्री आशीष यादव और उपाध्यक्ष प्रणव यादव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से भी परेशानी हो रही है। कई कक्षाओं में पंखा, रोशनी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति से संबंधित पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन ज्ञापन में वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की ओर से घोषित ‘सात निश्चय योजना’ का भी उल्लेख किया। योजना के तहत एससी-एसटी छात्रों-छात्राओं का नामांकन निशुल्क करने की घोषणा की गई थी। परिषद का आरोप है कि इसके बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर शुल्क वसूला जा रहा है। परिषद ने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण बेहतर और छात्र-हितैषी बन सके। प्राचार्य ने आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हर्ष मिश्रा, नगर मंत्री पीयूष भारती, कॉलेज उपाध्यक्ष श्रवण कुमार व अनमोल शर्मा मौजूद थे। भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मारवाड़ी महाविद्यालय इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य को 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। महाविद्यालय में व्याप्त छात्र-संबंधी समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कॉलेज मंत्री आशीष यादव और उपाध्यक्ष प्रणव यादव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से भी परेशानी हो रही है। कई कक्षाओं में पंखा, रोशनी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति से संबंधित पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन ज्ञापन में वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की ओर से घोषित ‘सात निश्चय योजना’ का भी उल्लेख किया। योजना के तहत एससी-एसटी छात्रों-छात्राओं का नामांकन निशुल्क करने की घोषणा की गई थी। परिषद का आरोप है कि इसके बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर शुल्क वसूला जा रहा है। परिषद ने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण बेहतर और छात्र-हितैषी बन सके। प्राचार्य ने आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हर्ष मिश्रा, नगर मंत्री पीयूष भारती, कॉलेज उपाध्यक्ष श्रवण कुमार व अनमोल शर्मा मौजूद थे।  

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