मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में UMIS में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोश मार्च यूएमआईएस कार्यालय के समीप से शुरू होकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्य द्वार पर आकर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने यूएमआईएस पोर्टल को हटाने और समर्थ पोर्टल लागू करने की मांग दोहराई। यूएमआईएस के माध्यम से छात्रों से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही का आरोप मौके पर मौजूद एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और शैक्षणिक माहौल को खराब कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएमआईएस के माध्यम से छात्रों से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की जा रही है। जब छात्र इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि यूएमआईएस पोर्टल को तत्काल हटाकर अन्य विश्वविद्यालयों की तरह समर्थ पोर्टल लागू किया जाए। उनका कहना था कि अधिकांश विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल पहले से लागू है, लेकिन बीएनएमयू में इसे लागू करने के बजाय फिर से यूएमआईएस को ही जारी रखा जा रहा है। ‘भ्रष्ट यूएमआईएस वापस जाओ’ के पोस्टर विभाग संयोजक सौरभ यादव ने कहा कि संगठन पिछले कई महीनों से UMIS को हटाने और समर्थ पोर्टल लागू करने की मांग कर रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में विश्वविद्यालय गेट के बाहर लगाए गए ‘भ्रष्ट यूएमआईएस वापस जाओ’ के पोस्टर को असामाजिक तत्वों द्वारा फाड़ दिया गया। सौरभ यादव ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस का डर दिखाकर कार्यकर्ताओं को धमकाने की कोशिश की गई, जबकि पहले ऐसा माहौल नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति के करीब ढाई साल के कार्यकाल में तीन कुलसचिव और दो परीक्षा नियंत्रकों को हटाया जा चुका है, जो प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है। इस मौके पर नवनीत सम्राट सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में UMIS में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोश मार्च यूएमआईएस कार्यालय के समीप से शुरू होकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्य द्वार पर आकर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने यूएमआईएस पोर्टल को हटाने और समर्थ पोर्टल लागू करने की मांग दोहराई। यूएमआईएस के माध्यम से छात्रों से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही का आरोप मौके पर मौजूद एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और शैक्षणिक माहौल को खराब कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएमआईएस के माध्यम से छात्रों से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की जा रही है। जब छात्र इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि यूएमआईएस पोर्टल को तत्काल हटाकर अन्य विश्वविद्यालयों की तरह समर्थ पोर्टल लागू किया जाए। उनका कहना था कि अधिकांश विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल पहले से लागू है, लेकिन बीएनएमयू में इसे लागू करने के बजाय फिर से यूएमआईएस को ही जारी रखा जा रहा है। ‘भ्रष्ट यूएमआईएस वापस जाओ’ के पोस्टर विभाग संयोजक सौरभ यादव ने कहा कि संगठन पिछले कई महीनों से UMIS को हटाने और समर्थ पोर्टल लागू करने की मांग कर रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में विश्वविद्यालय गेट के बाहर लगाए गए ‘भ्रष्ट यूएमआईएस वापस जाओ’ के पोस्टर को असामाजिक तत्वों द्वारा फाड़ दिया गया। सौरभ यादव ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस का डर दिखाकर कार्यकर्ताओं को धमकाने की कोशिश की गई, जबकि पहले ऐसा माहौल नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति के करीब ढाई साल के कार्यकाल में तीन कुलसचिव और दो परीक्षा नियंत्रकों को हटाया जा चुका है, जो प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है। इस मौके पर नवनीत सम्राट सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


