पूर्णिया यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध प्रदर्शन किया। एक ओर मैनेजमेंट बिल्डिंग के सीनेट हॉल में मीटिंग चल रही थी, तो वहीं दूसरी ओर ABVP के कार्यकर्ता मेन गेट पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, अचानक ABVP कार्यकर्ता उग्र हो गए और मैनेजमेंट बिल्डिंग को घेरकर नारेबाजी करने लगे। ABVP के कार्यकर्ता विभिन्न मांगो को लेकर पहले यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, मगर कुछ ही देर बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। ABVP कार्यकर्ता मेन गेट से सीधे प्रशासनिक भवन कैंपस में दाखिल हो गए, जहां प्रशासनिक भवन का घेराव करते हुए नारेबाजी करने लगे। सीनेट हॉल में मीटिंग में शामिल हुए कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह यूनिवर्सिटी के सीनेट हॉल में चल रही बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विवेकानन्द सिंह ने की। बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता प्रो डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता भी सीनेट के बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। ABVP के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू और उत्तर बिहार प्रांत के प्रदेश सह मंत्री विनय सिंह खुद विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर कर रहे थे विरोध प्रदर्शन शैक्षणिक अराजकता, व्यापक भ्रष्टाचार, अतिथि शिक्षक बहाली में रोस्टर का खुला उल्लंघन समेत कई प्रमुख मांगो से जुड़ी तख्तियां लिए बड़ी तादाद में ABVP कार्यकर्ता कुलपति के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसमें छात्राएं भी शामिल थी। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता पूर्णिया वीसी मुर्दाबाद, विश्वविद्यालय प्रशासन हाय-हाय जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अभाविप के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि पूर्णिया यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई अतिथि शिक्षक बहाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपने वेबसाइट से रिजल्ट को हटा दिया, जो नियमानुकूल नहीं है। गेस्ट फैकल्टी बहाली को लेकर निकाली गई विज्ञापन में 100 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। आरक्षण रोस्टर के अप्रूवल बगैर अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया। साथ ही टेक्निकल प्रॉब्लम बताकर 24 घंटे में रिजल्ट को वेबसाइट से गायब कर दिया गया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति अपने भ्रष्टतम समय से गुजर रहे हैं। निक्कू बोले- रिजल्ट जारी होने के बाद आधे-अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि किस विषय में कितने शिक्षक की बहाली होनी है, इस विषय को लेकर विज्ञापन में खाली सीटों की सूची जारी की गई थी, रिजल्ट जारी होने के बाद आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई। किसी विषय में रिक्त सीटों की संख्या 16 दिखाया गया है, वहीं विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिजल्ट में सिर्फ 10 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है, ये मामला एक विषय का नहीं बल्कि ऐसे कई विषयों का है। यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई आरक्षण रोस्टर में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों की सीटों की संख्या पर महिला और पुरुष की संख्या कैसे निर्धारित की जा सकती है। इससे ये स्पष्ट होता है कि अतिथि शिक्षकों के बहाली में भारी भ्रष्टाचार के साथ-साथ व्यापक तौर पर अनियमितताएं की गई है, जो किसी भी तरह से नियमानुकूल नहीं है। राजभवन इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषियों पर उचित कार्रवाई करें। साथ ही पूरे नियुक्ति प्रणाली को राज्य के किसी विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कुलपति या विजिलेंस से जांच कराई जाए, ताकि पूरे नियुक्ति प्रणाली में हुई गड़बड़ी की जांच हो। उत्तर बिहार प्रांत के प्रदेश सह मंत्री विनय सिंह ने कहा बीते दिनों मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज के कर्मचारी और प्रधानाचार्य का वीडियो भी सामने आया, जिसमें छात्र नेताओं द्वारा विरोध करने पर महाविद्यालय प्रधानाचार्य और कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार का प्रयास किया गया है। हम लोगों की ये मांग है कि ऐसे कर्मचारी और प्रधानाचार्य पर कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए निलंबित किया जाए। एबीवीपी के विभाग संयोजक नीतीश निक्कू ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, इसलिए हम अभाविप कार्यकर्ताओं को आंदोलन को उतारू होना पड़ रहा है। जिला संयोजक दीपक कुमार चौधरी ने कहा कि कुछ महीने पहले पूर्णिया विश्वविद्यालय के नए कुलपति आए थे तो छात्र-छात्राओं की आस जगी थी कि अब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन फिर से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मकड़जाल में फंस चुके हैं। जब छात्र एकजुटता के साथ अपनी ताकत नहीं दिखाते हैं तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद नहीं खुलती है। पूर्णिया यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध प्रदर्शन किया। एक ओर मैनेजमेंट बिल्डिंग के सीनेट हॉल में मीटिंग चल रही थी, तो वहीं दूसरी ओर ABVP के कार्यकर्ता मेन गेट पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, अचानक ABVP कार्यकर्ता उग्र हो गए और मैनेजमेंट बिल्डिंग को घेरकर नारेबाजी करने लगे। ABVP के कार्यकर्ता विभिन्न मांगो को लेकर पहले यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, मगर कुछ ही देर बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। ABVP कार्यकर्ता मेन गेट से सीधे प्रशासनिक भवन कैंपस में दाखिल हो गए, जहां प्रशासनिक भवन का घेराव करते हुए नारेबाजी करने लगे। सीनेट हॉल में मीटिंग में शामिल हुए कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह यूनिवर्सिटी के सीनेट हॉल में चल रही बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विवेकानन्द सिंह ने की। बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता प्रो डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता भी सीनेट के बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। ABVP के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू और उत्तर बिहार प्रांत के प्रदेश सह मंत्री विनय सिंह खुद विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर कर रहे थे विरोध प्रदर्शन शैक्षणिक अराजकता, व्यापक भ्रष्टाचार, अतिथि शिक्षक बहाली में रोस्टर का खुला उल्लंघन समेत कई प्रमुख मांगो से जुड़ी तख्तियां लिए बड़ी तादाद में ABVP कार्यकर्ता कुलपति के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसमें छात्राएं भी शामिल थी। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता पूर्णिया वीसी मुर्दाबाद, विश्वविद्यालय प्रशासन हाय-हाय जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अभाविप के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि पूर्णिया यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई अतिथि शिक्षक बहाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपने वेबसाइट से रिजल्ट को हटा दिया, जो नियमानुकूल नहीं है। गेस्ट फैकल्टी बहाली को लेकर निकाली गई विज्ञापन में 100 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। आरक्षण रोस्टर के अप्रूवल बगैर अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया। साथ ही टेक्निकल प्रॉब्लम बताकर 24 घंटे में रिजल्ट को वेबसाइट से गायब कर दिया गया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति अपने भ्रष्टतम समय से गुजर रहे हैं। निक्कू बोले- रिजल्ट जारी होने के बाद आधे-अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि किस विषय में कितने शिक्षक की बहाली होनी है, इस विषय को लेकर विज्ञापन में खाली सीटों की सूची जारी की गई थी, रिजल्ट जारी होने के बाद आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई। किसी विषय में रिक्त सीटों की संख्या 16 दिखाया गया है, वहीं विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिजल्ट में सिर्फ 10 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है, ये मामला एक विषय का नहीं बल्कि ऐसे कई विषयों का है। यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई आरक्षण रोस्टर में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों की सीटों की संख्या पर महिला और पुरुष की संख्या कैसे निर्धारित की जा सकती है। इससे ये स्पष्ट होता है कि अतिथि शिक्षकों के बहाली में भारी भ्रष्टाचार के साथ-साथ व्यापक तौर पर अनियमितताएं की गई है, जो किसी भी तरह से नियमानुकूल नहीं है। राजभवन इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषियों पर उचित कार्रवाई करें। साथ ही पूरे नियुक्ति प्रणाली को राज्य के किसी विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कुलपति या विजिलेंस से जांच कराई जाए, ताकि पूरे नियुक्ति प्रणाली में हुई गड़बड़ी की जांच हो। उत्तर बिहार प्रांत के प्रदेश सह मंत्री विनय सिंह ने कहा बीते दिनों मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज के कर्मचारी और प्रधानाचार्य का वीडियो भी सामने आया, जिसमें छात्र नेताओं द्वारा विरोध करने पर महाविद्यालय प्रधानाचार्य और कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार का प्रयास किया गया है। हम लोगों की ये मांग है कि ऐसे कर्मचारी और प्रधानाचार्य पर कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए निलंबित किया जाए। एबीवीपी के विभाग संयोजक नीतीश निक्कू ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, इसलिए हम अभाविप कार्यकर्ताओं को आंदोलन को उतारू होना पड़ रहा है। जिला संयोजक दीपक कुमार चौधरी ने कहा कि कुछ महीने पहले पूर्णिया विश्वविद्यालय के नए कुलपति आए थे तो छात्र-छात्राओं की आस जगी थी कि अब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन फिर से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मकड़जाल में फंस चुके हैं। जब छात्र एकजुटता के साथ अपनी ताकत नहीं दिखाते हैं तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद नहीं खुलती है।


