कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम आज बेगूसराय पहुंचे। यहां उन्होंने कहा है कि बीजेपी वालों का डीएनए गालीबाज हो गया है। वर्तमान में बीजेपी का गालीबाजी का डीएनए बढ़ा है। खास करके बिहार के बारे में प्रधानमंत्री बोली लगा कर जाते हैं कि 70 हजार दे दूं या करोड़ दे दूं। इसके बाद बिहार के संबंध में कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियां हुई है। बिहारी पर दूसरे राज्यों में हमले होते हैं। उत्तराखंड के मंत्री पति ने गालीबाजी की है। यह जो लफंगे लोग हैं, बिहार के बारे में हमारे महिलाओं के बारे में बहुत गलत कहा है। बिहार आकर देख लें की एक बिहारी सौ पर भारी पड़ता है। बिहार की अस्मिता पर उंगली उठाना गलत है। यहां की महिला आईएनएस पूरे देश में नाम रोशन कर रही है। संसदीय कार्य में हमारे बिहार के महिला लगी हुई है, जो देश का नाम रोशन कर रही है। यह लोग इस लिए बोलते हैं कि भाजपा उन्हें प्रोत्साहित करती है, प्रमोट करती है। खिलाड़ियों के साथ अभद्रता हुई, दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ। बाद में उस गालीबाज को सांसद से राज्य मंत्री बनाया और राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। गाली देने पर मिलेगा प्रमोशन प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हर बीजेपी नेता को लग रहा है कि गाली देंगे तो उन्हें प्रमोशन मिल जाएगा। महागठबंधन में ऑल इज वेल पर बोलने से परहेज करते हुए उन्होंने कहा कि हम संघ संगठन के मुद्दे पर बात कर रहे हैं। अभी चुनाव संपन्न हुआ है, हम लोग अभी गठबंधन में रहेंगे, आगे इस पर विचार किया जाएगा। राजेश राम ने कहा कि मनरेगा को लेकर 8 जनवरी से हमारा अभियान शुरू हो रहा है। बीजेपी सरकार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मनरेगा को खत्म किया। बापू के नाम के कारण इसे खत्म किया गया है। मनरेगा को खत्म करके जो नया नामकरण किया गया है उसमें मनरेगा की शक्ति को भी कम किया गया है। मनरेगा को खत्म करके बापू के विचारधारा को बीजेपी मारना चाहती है। मनरेगा के तहत जो 100 दिन के काम की गारंटी थी, वह खत्म हो गया है। इसकी सारी शक्ति केंद्र सरकार ने अपने पास रख लिया है, राज्य की अब उसमें कोई भूमिका नहीं रही। मनरेगा को स्विच ऑफ करने का पूरा अधिकार केंद्र सरकार ने अपने पास रख लिया है। मनरेगा में मजदूरी की 100 दिन की गारंटी थी उन्हें काम नहीं मिल रहा है तो निजी फाइनेंस कंपनी से यह लोग लोन ले रहे हैं। ठगे जा रहे हैं, आत्महत्या करने पर मजबूर हैं, लोग अपने गांव घर को छोड़ने को मजबूर हैं। इस विषय को लेकर हम आगे काम करेंगे। थर्मल पावर कांग्रेस के राज में बना गिरिराज सिंह की ओर से कांग्रेस और विपक्ष पर भगवान राम से नफरत करने की बात कहे जाने पर राजेश राम ने कहा कि गिरिराज सिंह यहां से जीते हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि बरौनी फर्टिलाइजर बाबू ने लाया था, आज उसकी क्या कैपेसिटी है। यहां थर्मल पावर कांग्रेस के राज में बना, उस पर उन्होंने कभी चर्चा नहीं की। गिरिराज सिंह यहां का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनकी सरकार है, उनको इस पर चर्चा करनी चाहिए कि हमने बेगूसराय के लिए क्या किया है। बेगूसराय को बाबू जहां छोड़ कर गए थे, कांग्रेस जहां छोड़ कर गई थी, वैसे ही आज देख रहे हैं। गिरिराज सिंह को इस विरासत पर बात करनी चाहिए, अपने क्षेत्र के विकास पर बात करनी चाहिए। अपने राज्य के विकास की बात करनी चाहिए। बिहार से तीन-चार मंत्री हैं, यह लोग बिहार के विकास की बात नहीं करते हैं। विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाते है गिरिराज सिंह गिरिराज सिंह का हमेशा विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने का ही बयान होता है। हम उनके बयान को प्रतिक्रिया लायक नहीं समझते हैं। प्रतिक्रिया तब होता जब बेगूसराय के सभी इंडस्ट्री और पावर स्टेशन की क्षमता बढ़ाने, लोगों को रोजगार मिला या नहीं, इस पर बात करते। बाबू के जमाने में रोजगार मिला था और आज उन्हें रोजगार और विकास बात करना चाहिए था। रोजगार और विकास की बात से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता ने उत्तराखंड के मंत्री के पति की ओर से बिहार की बेटियों के संबंध में किए गए टिप्पणी को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई और पोस्टर लहराए गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, युवा कांग्रेस अध्यक्ष व अमिता भूषण ने कहा कि महिलाओं के सम्मान में कांग्रेस मैदान में आ गई है। बेटियों का अपमान बीजेपी की सोच है, हम बेटियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। बेटियां बिकने वाली चीज नहीं होती है। मौके पर वरिष्ठ नेता रजनीकांत पाठक, अभिषेक कुमार सिंह, रत्नेश कुमार टुल्लू एवं राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम आज बेगूसराय पहुंचे। यहां उन्होंने कहा है कि बीजेपी वालों का डीएनए गालीबाज हो गया है। वर्तमान में बीजेपी का गालीबाजी का डीएनए बढ़ा है। खास करके बिहार के बारे में प्रधानमंत्री बोली लगा कर जाते हैं कि 70 हजार दे दूं या करोड़ दे दूं। इसके बाद बिहार के संबंध में कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियां हुई है। बिहारी पर दूसरे राज्यों में हमले होते हैं। उत्तराखंड के मंत्री पति ने गालीबाजी की है। यह जो लफंगे लोग हैं, बिहार के बारे में हमारे महिलाओं के बारे में बहुत गलत कहा है। बिहार आकर देख लें की एक बिहारी सौ पर भारी पड़ता है। बिहार की अस्मिता पर उंगली उठाना गलत है। यहां की महिला आईएनएस पूरे देश में नाम रोशन कर रही है। संसदीय कार्य में हमारे बिहार के महिला लगी हुई है, जो देश का नाम रोशन कर रही है। यह लोग इस लिए बोलते हैं कि भाजपा उन्हें प्रोत्साहित करती है, प्रमोट करती है। खिलाड़ियों के साथ अभद्रता हुई, दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ। बाद में उस गालीबाज को सांसद से राज्य मंत्री बनाया और राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। गाली देने पर मिलेगा प्रमोशन प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हर बीजेपी नेता को लग रहा है कि गाली देंगे तो उन्हें प्रमोशन मिल जाएगा। महागठबंधन में ऑल इज वेल पर बोलने से परहेज करते हुए उन्होंने कहा कि हम संघ संगठन के मुद्दे पर बात कर रहे हैं। अभी चुनाव संपन्न हुआ है, हम लोग अभी गठबंधन में रहेंगे, आगे इस पर विचार किया जाएगा। राजेश राम ने कहा कि मनरेगा को लेकर 8 जनवरी से हमारा अभियान शुरू हो रहा है। बीजेपी सरकार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मनरेगा को खत्म किया। बापू के नाम के कारण इसे खत्म किया गया है। मनरेगा को खत्म करके जो नया नामकरण किया गया है उसमें मनरेगा की शक्ति को भी कम किया गया है। मनरेगा को खत्म करके बापू के विचारधारा को बीजेपी मारना चाहती है। मनरेगा के तहत जो 100 दिन के काम की गारंटी थी, वह खत्म हो गया है। इसकी सारी शक्ति केंद्र सरकार ने अपने पास रख लिया है, राज्य की अब उसमें कोई भूमिका नहीं रही। मनरेगा को स्विच ऑफ करने का पूरा अधिकार केंद्र सरकार ने अपने पास रख लिया है। मनरेगा में मजदूरी की 100 दिन की गारंटी थी उन्हें काम नहीं मिल रहा है तो निजी फाइनेंस कंपनी से यह लोग लोन ले रहे हैं। ठगे जा रहे हैं, आत्महत्या करने पर मजबूर हैं, लोग अपने गांव घर को छोड़ने को मजबूर हैं। इस विषय को लेकर हम आगे काम करेंगे। थर्मल पावर कांग्रेस के राज में बना गिरिराज सिंह की ओर से कांग्रेस और विपक्ष पर भगवान राम से नफरत करने की बात कहे जाने पर राजेश राम ने कहा कि गिरिराज सिंह यहां से जीते हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि बरौनी फर्टिलाइजर बाबू ने लाया था, आज उसकी क्या कैपेसिटी है। यहां थर्मल पावर कांग्रेस के राज में बना, उस पर उन्होंने कभी चर्चा नहीं की। गिरिराज सिंह यहां का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनकी सरकार है, उनको इस पर चर्चा करनी चाहिए कि हमने बेगूसराय के लिए क्या किया है। बेगूसराय को बाबू जहां छोड़ कर गए थे, कांग्रेस जहां छोड़ कर गई थी, वैसे ही आज देख रहे हैं। गिरिराज सिंह को इस विरासत पर बात करनी चाहिए, अपने क्षेत्र के विकास पर बात करनी चाहिए। अपने राज्य के विकास की बात करनी चाहिए। बिहार से तीन-चार मंत्री हैं, यह लोग बिहार के विकास की बात नहीं करते हैं। विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाते है गिरिराज सिंह गिरिराज सिंह का हमेशा विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने का ही बयान होता है। हम उनके बयान को प्रतिक्रिया लायक नहीं समझते हैं। प्रतिक्रिया तब होता जब बेगूसराय के सभी इंडस्ट्री और पावर स्टेशन की क्षमता बढ़ाने, लोगों को रोजगार मिला या नहीं, इस पर बात करते। बाबू के जमाने में रोजगार मिला था और आज उन्हें रोजगार और विकास बात करना चाहिए था। रोजगार और विकास की बात से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता ने उत्तराखंड के मंत्री के पति की ओर से बिहार की बेटियों के संबंध में किए गए टिप्पणी को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई और पोस्टर लहराए गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, युवा कांग्रेस अध्यक्ष व अमिता भूषण ने कहा कि महिलाओं के सम्मान में कांग्रेस मैदान में आ गई है। बेटियों का अपमान बीजेपी की सोच है, हम बेटियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। बेटियां बिकने वाली चीज नहीं होती है। मौके पर वरिष्ठ नेता रजनीकांत पाठक, अभिषेक कुमार सिंह, रत्नेश कुमार टुल्लू एवं राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।


