मंदसौर जिले के सुरजनी गांव में बुधवार रात सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया। 3 राज्यों की पुलिस को जिस हिस्ट्रीशीटर तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की तलाश थी, उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस दबिश के दौरान वह बचने के लिए घर में रखे दीवान (बॉक्स वाले बेड) के अंदर छिप गया था, जहां दम घुटने से उसकी जान चली गई। वहीं, परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने घर में घुसकर उसकी हत्या की है। शव के नाक और कान से खून बहता मिला है। घटना बुधवार देर रात की है। सीतामऊ पुलिस को सूचना मिली थी कि 5 हजार का इनामी और एमडी ड्रग्स तस्कर भय्यू लाला अपने घर आया हुआ है। पुलिस ने गांव सुरजनी में उसके मकान की घेराबंदी की। थ्योरी 1 (दम घुटने से मौत) सूत्रों के अनुसार, पुलिस को देखकर भय्यू लाला हड़बड़ी में बेडरूम में रखे दीवान (बेड बॉक्स) के अंदर घुस गया और खुद को बंद कर लिया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस के जाने के काफी देर बाद जब परिजनों ने दीवान खोला, तो वह अचेत अवस्था में मिला। बॉक्स के अंदर ऑक्सीजन की कमी से उसका दम घुट गया था। थ्योरी 2 (पुलिस पर हत्या का आरोप) परिजनों का दावा है कि पुलिस घर के अंदर घुसी और भय्यू लाला के साथ जमकर मारपीट की। इस मारपीट में ही उसकी जान गई। मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो/वीडियो में मृतक के नाक और कान से खून बहता दिख रहा है, जो परिजनों के आरोपों को हवा दे रहा है। सबूत मिटाने DVR उखाड़ ले गई पुलिस लाला के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ भय्यू लाला को मारा, बल्कि सबूत मिटाने की भी कोशिश की। परिजनों का कहना है कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन पुलिस जाते वक्त उसका डीवीआर (DVR) भी अपने साथ निकाल ले गई, ताकि मारपीट की रिकॉर्डिंग किसी के हाथ न लगे। SP बोले- सोशल मीडिया से मिली मौत की खबर मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “घटना की जानकारी हमें सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। आरोपी पर कई गंभीर प्रकरण दर्ज थे और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। प्रारंभिक तौर पर दम घुटने से मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।” कौन था भय्यू लाला? 3 राज्यों की पुलिस को थी तलाश मृतक वाहिद उर्फ भय्यू लाला कोई साधारण अपराधी नहीं था। वह अंतरराज्यीय ड्रग माफिया का अहम हिस्सा था। उस पर एनडीपीएस (तस्करी), आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास, डकैती और बलवा जैसे 19 गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। 11 जनवरी 2026 को मुंबई में 23 ग्राम एमडी के साथ एक आरोपी पकड़ा गया था, जिसकी कड़ी मंदसौर से जुड़ी। इसके आधार पर 13 जनवरी को मुंबई पुलिस और ठाणे पुलिस की टीम सुरजनी गांव पहुंची थी। भय्यू लाला और उसके दो साथी मौके से फरार हो गए थे। बाद में जावरा के हुसैन टेकरी क्षेत्र से मनोहर गुर्जर (सुखाखेड़ा निवासी) और जाजू सुल्तान (तितरोद, जिला मंदसौर) को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई। हालांकि भय्यू उस समय भी फरार हो गया था। भय्यू लाला की तलाश मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस कर रही थी। हाल ही में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क में उसका नाम प्रमुख रूप से सामने आया था। उसके खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर, कोटा और नीमच में भी केस दर्ज थे। देर रात तक सन्नाटा, अब पोस्टमार्टम पर टिकी नजरें हैरानी की बात यह रही कि घटना के तुरंत बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। देर रात तक शव घर पर ही पड़ा रहा। अब गुरुवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पीएम रिपोर्ट और बिसरा जांच के बाद ही साफ होगा कि भय्यू लाला की मौत दीवान में दम घुटने से हुई या कोई और वजह थी। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।


