कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरिया पंचायत के सिकटिया गांव में 20 वर्षीय युवक असद की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हत्याकांड के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के वर्तमान मुखिया अबू तालिब को आजमनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुखिया की गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। हत्या के बाद शव दफन, गांव में हुई थी पंचायती जानकारी के अनुसार, बीते दिनों सिकटिया गांव में 20 साल असद की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गांव में ही दफना दिया गया और मामले को गांव स्तर पर पंचायती कर रफा-दफा करने की कोशिश की गई। बताया जाता है कि दबाव और समझौते के जरिए घटना को बाहर न आने देने का प्रयास किया गया। हालांकि, मृतक असद के पिता ने हार नहीं मानी और न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आजमनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। 70 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव न्यायालय के आदेश पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में करीब 70 दिनों बाद कब्र से असद का शव निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी। लंबी मशक्कत के बाद मुखिया गिरफ्तार आजमनगर थानाध्यक्ष नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। कई महीनों तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस ने इस हत्याकांड के तीसरे नंबर के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के मुखिया अबू तालिब को सिकटिया गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद थाने पर हंगामा मुखिया अबू तालिब की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में आजमनगर थाना पहुंच गए। समर्थकों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और गिरफ्तारी का विरोध जताया। धरना दे रहे समर्थकों में हाजी मोहम्मद अजहर और मोहम्मद दानिश ने आरोप लगाया कि मुखिया को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अबू तालिब बेगुनाह हैं और इस पूरे मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया है। समर्थकों ने की रिहाई की मांग प्रदर्शन कर रहे समर्थकों ने पुलिस से मुखिया को अविलंब रिहा करने की मांग की। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई। समर्थकों का कहना है कि उन्हें कानून और प्रशासन पर भरोसा है और सच्चाई जरूर सामने आएगी। इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात मुखिया की गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आजमनगर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में की जा रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा- जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव पुलिस सूत्रों के अनुसार, असद हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस इस संवेदनशील मामले में हर पहलू पर नजर बनाए हुए है। कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरिया पंचायत के सिकटिया गांव में 20 वर्षीय युवक असद की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हत्याकांड के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के वर्तमान मुखिया अबू तालिब को आजमनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुखिया की गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। हत्या के बाद शव दफन, गांव में हुई थी पंचायती जानकारी के अनुसार, बीते दिनों सिकटिया गांव में 20 साल असद की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गांव में ही दफना दिया गया और मामले को गांव स्तर पर पंचायती कर रफा-दफा करने की कोशिश की गई। बताया जाता है कि दबाव और समझौते के जरिए घटना को बाहर न आने देने का प्रयास किया गया। हालांकि, मृतक असद के पिता ने हार नहीं मानी और न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आजमनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। 70 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव न्यायालय के आदेश पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में करीब 70 दिनों बाद कब्र से असद का शव निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी। लंबी मशक्कत के बाद मुखिया गिरफ्तार आजमनगर थानाध्यक्ष नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। कई महीनों तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस ने इस हत्याकांड के तीसरे नंबर के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के मुखिया अबू तालिब को सिकटिया गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद थाने पर हंगामा मुखिया अबू तालिब की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में आजमनगर थाना पहुंच गए। समर्थकों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और गिरफ्तारी का विरोध जताया। धरना दे रहे समर्थकों में हाजी मोहम्मद अजहर और मोहम्मद दानिश ने आरोप लगाया कि मुखिया को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अबू तालिब बेगुनाह हैं और इस पूरे मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया है। समर्थकों ने की रिहाई की मांग प्रदर्शन कर रहे समर्थकों ने पुलिस से मुखिया को अविलंब रिहा करने की मांग की। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई। समर्थकों का कहना है कि उन्हें कानून और प्रशासन पर भरोसा है और सच्चाई जरूर सामने आएगी। इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात मुखिया की गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आजमनगर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में की जा रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा- जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव पुलिस सूत्रों के अनुसार, असद हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस इस संवेदनशील मामले में हर पहलू पर नजर बनाए हुए है।


