शेखपुरा जिला पुलिस द्वारा गठित अभ्या ब्रिगेड स्कूली बच्चियों को निर्भीक होकर पढ़ाई करने के लिए जागरूक कर रही है। शनिवार को नगर थाना की पुलिस सब इंस्पेक्टर कुमारी शुभम सिंहा ने शहर के विद्यालयों से स्कूली वाहन पर घर लौट रही बालिकाओं को अभ्या ब्रिगेड के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चियों को निर्भीक होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं, क्योंकि पुलिस उनकी सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर है। विशेष रूप से स्कूल आने और जाने के समय पुलिस शिक्षण संस्थानों के आसपास सक्रिय रहती है। पुलिस ने 112 डायल सेवा भी जारी की पुलिस सब इंस्पेक्टर सिंहा ने बालिकाओं को अपने निकटवर्ती थाना का मोबाइल नंबर और अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी दिया, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर संपर्क कर सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि पुलिस ने 112 डायल सेवा भी जारी की है, जिस पर फोन करके भी मदद ली जा सकती है। भेदभाव, मारपीट या हिंसा के संबंध में कर सकती हैं पुलिस से संपर्क जागरूकता अभियान के दौरान, बच्चियों को यह भी बताया गया कि उन्हें किसी भी हाल में अपने ऊपर होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं करना है। स्कूल के अलावा घर में होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव, मारपीट या हिंसा के संबंध में भी वे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं, जहां उन्हें सहायता मिलेगी। इस अवसर पर, बच्चियों ने महिला पुलिस पदाधिकारी के साथ अपने कई अनुभवों को साझा किया। इस बातचीत से बालिकाओं की झिझक भी दूर हुई और उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखीं। शेखपुरा जिला पुलिस द्वारा गठित अभ्या ब्रिगेड स्कूली बच्चियों को निर्भीक होकर पढ़ाई करने के लिए जागरूक कर रही है। शनिवार को नगर थाना की पुलिस सब इंस्पेक्टर कुमारी शुभम सिंहा ने शहर के विद्यालयों से स्कूली वाहन पर घर लौट रही बालिकाओं को अभ्या ब्रिगेड के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चियों को निर्भीक होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं, क्योंकि पुलिस उनकी सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर है। विशेष रूप से स्कूल आने और जाने के समय पुलिस शिक्षण संस्थानों के आसपास सक्रिय रहती है। पुलिस ने 112 डायल सेवा भी जारी की पुलिस सब इंस्पेक्टर सिंहा ने बालिकाओं को अपने निकटवर्ती थाना का मोबाइल नंबर और अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी दिया, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर संपर्क कर सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि पुलिस ने 112 डायल सेवा भी जारी की है, जिस पर फोन करके भी मदद ली जा सकती है। भेदभाव, मारपीट या हिंसा के संबंध में कर सकती हैं पुलिस से संपर्क जागरूकता अभियान के दौरान, बच्चियों को यह भी बताया गया कि उन्हें किसी भी हाल में अपने ऊपर होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं करना है। स्कूल के अलावा घर में होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव, मारपीट या हिंसा के संबंध में भी वे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं, जहां उन्हें सहायता मिलेगी। इस अवसर पर, बच्चियों ने महिला पुलिस पदाधिकारी के साथ अपने कई अनुभवों को साझा किया। इस बातचीत से बालिकाओं की झिझक भी दूर हुई और उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखीं।


