मऊ जनपद में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में घोसी स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने मिल बंद होने और किसानों के हितों की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन के बाद, पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मिल के प्रधान प्रबंधक (जीएम) से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में किसानों से संबंधित कई प्रमुख मांगें शामिल थीं। ज्ञापन में मांग की गई कि मिल को वर्तमान पेराई सत्र में तत्काल पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। किसानों को अन्य मिलों में गन्ना भेजने की व्यवस्था समाप्त की जाए तथा तौल, पर्ची और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, मिल के संचालन से जुड़े सभी निर्णय लिखित रूप में किसानों को उपलब्ध कराए जाएं और निर्माण कार्यों व वित्तीय व्यय की उच्चस्तरीय जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इस दौरान, प्रधान प्रबंधक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि गन्ना मिल बंद नहीं होगी और किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने आरोप लगाया कि घोसी गन्ना मिल के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने मऊ में बंद हुई मिलों के दोबारा शुरू न होने पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने यह भी कहा कि जनपद में दो वर्तमान मंत्री होने के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान न होने से जनता का विश्वास उनसे कम हो रहा है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की जायज मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और मिल प्रबंधन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में ए.के. सहाय, मनोज कुमार, सुशील वर्मा, विशाल पाण्डेय, रामचंद्र कुमार, प्रकाश नारायण कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


