आम आदमी पार्टी (आप) ने छत्तीसगढ़ में खनिज और जमीन का दोहन केवल बड़े उद्योगपतियों के फायदे के लिए हो रहा है, आम लोगों का विकास नहीं हो रहा। आप ने कहा कि आदिवासियों और किसानों की जमीन पर कानून और संविधान को ताक पर रखकर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। पार्टी ने तमनार, रायगढ़, बैलाडीला, सरगुजा और हसदेव जैसे इलाकों में फर्जी ग्राम सभाओं और बिना अनुमति खनन की शिकायतों को लेकर सरकार से सवाल उठाए और चेतावनी दी कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार आदिवासियों और आम लोगों की जमीन को कानून और संविधान की परवाह किए बिना बड़े उद्योगपतियों को दे रही है। उनका कहना था कि यह “विकास” केवल उद्योगपतियों और कुछ लोगों का है, पूरे छत्तीसगढ़ का नहीं। उन्होंने बताया कि दशकों से दंतेवाड़ा, भानुप्रतापपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा में खनिजों का दोहन होता रहा है, लेकिन वहां असली विकास नहीं हुआ। प्रियंका शुक्ला ने तमनार हिंसा पर उठाए सवाल प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने कहा कि तमनार, रायगढ़ और बैलाडीला में फर्जी ग्राम सभाओं और बिना अनुमति खनन के मामले सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि तमनार हिंसा की जांच क्यों नहीं हुई, और वहां बुजुर्ग की मौत के पीछे की साजिश को क्यों छुपाया जा रहा है। उन्होंने सरगुजा और हसदेव इलाके में जंगल कटाई और फर्जी जनसुनवाई पर भी चिंता जताई। प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने कहा कि बस्तर के बैलाडीला में युवाओं का आक्रोश दिखाई दे रहा है और अगर सरकार समय रहते सुधार नहीं करती है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों से बात करने को तैयार है, लेकिन आम आदिवासी, किसान और युवाओं से बात नहीं कर रही। प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने मांग की कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में नियमों का पालन अविलंब किया जाए और ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी विकास कार्य न किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष (यूथ विंग) इमरान खान ने चेतावनी दी कि अगर सरकार चंद उद्योगपतियों की मदद करना बंद नहीं करती और जनता के हित में काम नहीं करती है तो आप पूरे सरगुजा, बैलाडीला, तमनार और अन्य इलाकों के आदिवासी, किसान और युवाओं को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेगी।


