आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को हनुमानगढ़ कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन नगरपरिषद क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों में पिछले 15 साल से मकानों के पट्टे नहीं मिलने के विरोध में दिया गया। आप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इन कॉलोनियों को ‘जोहड़ क्षेत्र’ बताकर पट्टों पर रोक लगा रखी है, जिससे हजारों परिवारों की संपत्ति प्रभावित हो रही है। आप जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि हनुमानगढ़ टाउन की भभूतासिद्ध कॉलोनी, हीरा सिंह कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी, सहारा कॉलोनी, कड़वासरा कॉलोनी, लोहिया कॉलोनी, पंजाबी मोहल्ला, नई आबादी, बरकत कॉलोनी, शोरगर मोहल्ला और बिहारी बस्ती सहित कई बस्तियों में लगभग 40 हजार लोग रहते हैं। ये लोग 70 के दशक से यहां बसे हुए हैं। बेनीवाल के अनुसार, वर्ष 2011 से 2025 तक चली सर्वे कार्रवाई में इन इलाकों को ‘जोहड़’ और ‘बाढ़ प्रभावित’ क्षेत्र मानकर पट्टों पर रोक लगा दी गई है। आप जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि यह क्षेत्र वास्तव में जोहड़ होता, तो यहां स्कूल, अस्पताल, पेट्रोल पंप, दुकानें और पक्के मकानों का निर्माण कैसे होता। उन्होंने यह भी बताया कि कई कॉलोनियों के प्रस्ताव पुराने रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद आज तक पट्टे जारी नहीं हुए हैं, जबकि आसपास के कई सरकारी और निजी संस्थान नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। आप कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सभी विवादित कॉलोनियों का दोबारा सर्वे कराया जाए और भू-उपयोग स्पष्ट किया जाए। उन्होंने दशकों से आबाद क्षेत्रों को आवासीय घोषित कर पात्र लोगों को पट्टे जारी करने की अपील की। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया, तो प्रभावित बस्तियों के निवासी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।इस अवसर पर हरपाल सिंह, विशाल, पृथ्वीराज और विजय सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


