बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर नालंदा जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। शहर के 15 चुनिंदा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल 8,700 परीक्षार्थी शामिल होंगे। त्रिस्तरीय जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि बीपीएससी के सचिव से प्राप्त पत्र के आलोक में परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिसमें मोबाइल जैमर लगाना और सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना शामिल है। परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए हॉल में प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा। यह परीक्षा आगामी 14 अप्रैल से शुरू होकर विभिन्न चरणों में संपन्न होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में 14 और 15 अप्रैल को परीक्षा ली जाएगी, जिसके बाद 17 और 18 अप्रैल तथा अंतिम चरणों में 20 और 21 अप्रैल को परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गई
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, शहर के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। सबसे अधिक 1200 परीक्षार्थी सरदार पटेल कॉलेज में परीक्षा देंगे, जबकि नालंदा कॉलेज में 1032 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार, सोगरा कॉलेज में 516, बिहार टाउन हाई स्कूल शालूगंज में 816, एसएस बालिका स्कूल में 588 और पीएल साहू हाई स्कूल में 396 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
कहां कितने परीक्षार्थी देंगे एग्जाम
अन्य केंद्रों में सोगरा हाई स्कूल के लिए 564, बिहार टाउन हाई स्कूल मणिराम अखाड़ा के लिए 588, नेशनल शेखाना के लिए 540, सोहसराय बालिका हाई स्कूल के लिए 600, जवाहर कन्या विद्यालय के लिए 480 और कमरुद्दीनगंज बालिका हाई स्कूल के लिए 636 परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा भैंसासुर आवासीय मॉडल स्कूल में 696, रोजमैरी लैंड में 552 और सनबीम स्कूल कोसुक में 528 परीक्षार्थी अपनी परीक्षा देंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए पुख्ता दावों के साथ सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर नालंदा जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। शहर के 15 चुनिंदा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल 8,700 परीक्षार्थी शामिल होंगे। त्रिस्तरीय जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि बीपीएससी के सचिव से प्राप्त पत्र के आलोक में परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिसमें मोबाइल जैमर लगाना और सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना शामिल है। परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए हॉल में प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा। यह परीक्षा आगामी 14 अप्रैल से शुरू होकर विभिन्न चरणों में संपन्न होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में 14 और 15 अप्रैल को परीक्षा ली जाएगी, जिसके बाद 17 और 18 अप्रैल तथा अंतिम चरणों में 20 और 21 अप्रैल को परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गई
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, शहर के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। सबसे अधिक 1200 परीक्षार्थी सरदार पटेल कॉलेज में परीक्षा देंगे, जबकि नालंदा कॉलेज में 1032 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार, सोगरा कॉलेज में 516, बिहार टाउन हाई स्कूल शालूगंज में 816, एसएस बालिका स्कूल में 588 और पीएल साहू हाई स्कूल में 396 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
कहां कितने परीक्षार्थी देंगे एग्जाम
अन्य केंद्रों में सोगरा हाई स्कूल के लिए 564, बिहार टाउन हाई स्कूल मणिराम अखाड़ा के लिए 588, नेशनल शेखाना के लिए 540, सोहसराय बालिका हाई स्कूल के लिए 600, जवाहर कन्या विद्यालय के लिए 480 और कमरुद्दीनगंज बालिका हाई स्कूल के लिए 636 परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा भैंसासुर आवासीय मॉडल स्कूल में 696, रोजमैरी लैंड में 552 और सनबीम स्कूल कोसुक में 528 परीक्षार्थी अपनी परीक्षा देंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए पुख्ता दावों के साथ सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।


