एक ‘स्टूपिड मिस्टेक’ और 25 साल की जेल, ब्रिटिश स्टूडेंट के लिए Dubai में पार्टी बनी खौफनाक

एक ‘स्टूपिड मिस्टेक’ और 25 साल की जेल, ब्रिटिश स्टूडेंट के लिए Dubai में पार्टी बनी खौफनाक

Dubai drug laws case: दुबई में नियम-कायदे बेहद सख्त हैं। एक गलती भी जेल पहुंचा सकती है। 24 साल की एक ब्रिटिश लॉ स्टूडेंट को दुबई की अदालत ने 25 साल जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, उसे महज एक साल में ही रिहा कर दिया गया। लड़की का परिवार इसे क्रिसमस का चमत्कार करार दे रहा है। मिया ओ’ब्रायन को अक्टूबर 2024 में दुबई में तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह छुट्टियां मनाने वहां गई थीं।

Dubai में कर रही थी पार्टी

मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, दुबई में एक पार्टी के दौरान पुलिस को मिया ओ’ब्रायन के पास से 50 ग्राम कोकीन मिली थी, जिसकी कीमत करीब 2500 पाउंड (3,03,232 रुपए) थी। मिया की मां ने इसे एक ‘स्टूपिड मिस्टेक’ करार दिया था। मिया को 25 जुलाई, 2024 को ड्रग्स रखने का दोषी ठहराया गया और 25 साल जेल की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही अदालत ने करीब 100,000 पाउंड का जुर्माना भी लगाया था। हालांकि, वह लगातार खुद को बेकसूर करार देती रहीं।

सबसे अच्छा क्रिसमस गिफ्ट

इस महीने की शुरुआत में अचानक मिया ओ’ब्रायन को रिहा कर दिया गया। यह पूरे परिवार के लिए सबसे खुशनुमा पल था। लॉ स्टूडेंट की मां डैनियल मैककेना ने इसे क्रिसमस का चमत्कार बताते हुए कहा कि बेटी की रिहाई उनके लिए जीवन का सबसे खूबसूरत क्रिसमस गिफ्ट है। मिया ओ’ब्रायन के दोस्तों ने भी उनकी वापसी पर खुशी जाहिर की है। मिया सितंबर में अपनी सजा के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कुछ हफ्ते पहले उन्हें पता चला कि उन्हें रिहा किया जा रहा है।

नरक से गुजर रही बेटी

दुबई में मिया को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी और सेंट्रल जेल में बंद रखा गया था। मिया की मां ने उसकी रिहाई के लिए ऑनलाइन कैम्पैन शुरू किया था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि मिया ने अपनी जिंदगी में कोई गलत काम नहीं किया। वह एक लॉ स्टूडेंट है और कानून नहीं तोड़ सकती। बदकिस्मती से वह गलत दोस्तों की संगत में पड़ गई और एक बेवकूफी भरी गलती कर बैठी। गिरफ़्तारी के बाद मिया को अल-अविर सेंट्रल जेल में रखा गया था। उनकी मां ने कहा था कि मैं जानती हूं कि मेरी बेटी बहुत मजबूत है, लेकिन मुझे यह भी पता है कि वो नरक से गुजर रही है।

जल्दबाजी में रहती है पुलिस

कैंपेन ग्रुप डिटेन्ड इन दुबई के मुताबिक, मिया को महज एक दिन के ट्रायल के बाद सजा सुनाई गई, जो पूरी तरह अरबी में हुआ। इस ग्रुप की फाउंडर राधा स्टर्लिंग ने उस समय कहा था कि दुबई पुलिस का इतिहास रहा है कि वो जल्दबाजी में सजा दिलाने की कोशिश करती है। वह सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने में विश्वास नहीं करती। उचित प्रक्रिया की अनदेखी की जाती है। मिया की मां का कहना है कि दुबई में पार्टी उसके लिए जीवन की सबसे खौफनाक याद बनकर रह गई है।

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