पटना के कोतवाली इलाके के इस्कॉन मंदिर के पास 5 जनवरी को संतोष नाम के युवक का अपहरण कर लिया गया था। अब संतोष को पटना पुलिस और STF की मदद से नालंदा के इस्लामपुर से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि इस वारदात में एक महिला समेत 6 लोग शामिल थे, जिन्हें अरेस्ट कर लिया गया है। बाइक से लेकर गए रामकृष्णा नगर संतोष ने पुलिस को बताया है कि उसे रुपए लेने के लिए इस्कॉन मंदिर के पास अनुज, निशांत और विनोद ने बुलाया था। फिर वहां से बाइक पर बैठाकर रामकृष्णा नगर लेकर गए। वहां से एक कार बुक किया और उसमें बैठाकर बिहारशरीफ ले गए। वहां टॉर्चर करने के बाद इस्लामपुर इलाके में ले गए। वहीं पर संतोष को एक घर में रखा गया था। संतोष पटना के नागेश्वर कॉलोनी स्थित अभिराम होटल में रिसेप्शनिस्ट है। सचिवालय में नौकरी लगाने का दिया झांसा इधर पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि संतोष और होटल मालिक ने उनसे सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर लगभग 1 करोड़ से अधिक रुपए लिए हैं। इसमें से 67 लाख रुपए कैश और शेष रकम खाते में ट्रांसफर किए हैं। अनुज ने पुलिस को बताया कि सभी अभ्यर्थियों ने अलग-अलग रकम दिए हैं। संतोष ने हम लोगों से रुपए लिए थे और राकेश कुमार रंजन नाम के शख्स से मुलाकात कराई थी। राकेश ने भरोसा दिया था कि सभी का समाज कल्याण विभाग में सचिवालय सहायक के पद पर नौकरी पक्की हो गई है। अपने पैसे वसूलने बनाया बंधक अनुज ने बताया कि उन लोगों को 4 महीने की ट्रेनिंग भी दी गई थी, जिसमें एक महीने की सैलरी मिली थी। लेकिन इसके बाद सैलरी देना बंद कर दिया और ठीक से बातचीत भी नहीं कर रहा था। जब हम लोगों ने पता किया तो लगा कि ठगी हो गई है। इसीलिए संतोष से अपने रुपए वापस लेने के लिए उसे अपने पास बंधक रखा था। पटना के कोतवाली इलाके के इस्कॉन मंदिर के पास 5 जनवरी को संतोष नाम के युवक का अपहरण कर लिया गया था। अब संतोष को पटना पुलिस और STF की मदद से नालंदा के इस्लामपुर से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि इस वारदात में एक महिला समेत 6 लोग शामिल थे, जिन्हें अरेस्ट कर लिया गया है। बाइक से लेकर गए रामकृष्णा नगर संतोष ने पुलिस को बताया है कि उसे रुपए लेने के लिए इस्कॉन मंदिर के पास अनुज, निशांत और विनोद ने बुलाया था। फिर वहां से बाइक पर बैठाकर रामकृष्णा नगर लेकर गए। वहां से एक कार बुक किया और उसमें बैठाकर बिहारशरीफ ले गए। वहां टॉर्चर करने के बाद इस्लामपुर इलाके में ले गए। वहीं पर संतोष को एक घर में रखा गया था। संतोष पटना के नागेश्वर कॉलोनी स्थित अभिराम होटल में रिसेप्शनिस्ट है। सचिवालय में नौकरी लगाने का दिया झांसा इधर पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि संतोष और होटल मालिक ने उनसे सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर लगभग 1 करोड़ से अधिक रुपए लिए हैं। इसमें से 67 लाख रुपए कैश और शेष रकम खाते में ट्रांसफर किए हैं। अनुज ने पुलिस को बताया कि सभी अभ्यर्थियों ने अलग-अलग रकम दिए हैं। संतोष ने हम लोगों से रुपए लिए थे और राकेश कुमार रंजन नाम के शख्स से मुलाकात कराई थी। राकेश ने भरोसा दिया था कि सभी का समाज कल्याण विभाग में सचिवालय सहायक के पद पर नौकरी पक्की हो गई है। अपने पैसे वसूलने बनाया बंधक अनुज ने बताया कि उन लोगों को 4 महीने की ट्रेनिंग भी दी गई थी, जिसमें एक महीने की सैलरी मिली थी। लेकिन इसके बाद सैलरी देना बंद कर दिया और ठीक से बातचीत भी नहीं कर रहा था। जब हम लोगों ने पता किया तो लगा कि ठगी हो गई है। इसीलिए संतोष से अपने रुपए वापस लेने के लिए उसे अपने पास बंधक रखा था।


