मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के कसौली गांव में सामने आए कथित धर्म परिवर्तन मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिस महिला ‘प्रार्थना’ को लेकर धर्म परिवर्तन का दावा किया जा रहा था, वह खुद सामने आई है और उसने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। महिला ने साफ कहा कि न तो उसने और न ही उसके भांजे ने कोई धर्म परिवर्तन किया है। उसने खुद को हिंदू बताते हुए दावा किया कि पूरे मामले को साजिश के तहत फैलाया जा रहा है। ‘आर्थिक मदद के लालच’ वाला दावा अब सवालों में इससे पहले आरोप लगाए गए थे कि आर्थिक मदद का लालच देकर मौसी-भांजे का धर्म परिवर्तन कराया गया है। इस मामले ने इलाके में तेजी से तूल पकड़ा था और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया था। लेकिन अब कथित पीड़िता के सामने आकर बयान देने के बाद इस पूरे प्रकरण पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मामला वास्तव में धर्म परिवर्तन का था या फिर इसे किसी और मंशा से उछाला गया। दो आरोपी गिरफ्तार, एक अभी भी फरार इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सुफियान पुत्र अख्तर और सोनू उर्फ शादाब को गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। चरथावल थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती कार्रवाई आरोपों के आधार पर की गई थी, लेकिन अब महिला के बयान के बाद केस की दिशा बदलती नजर आ रही है। ईद की फोटो से शुरू हुआ था विवाद बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा ईद के मौके पर मस्जिद से जुड़ी एक फोटो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हुआ था। फोटो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए जाने लगे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि अब महिला के सामने आने के बाद कई पहलुओं पर फिर से जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिस सभी एंगल से कर रही जांच महिला के बयान के बाद अब पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों का मिलान करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में धार्मिक, सामाजिक और कानूनी तीनों पहलू एक साथ जुड़ गए हैं, इसलिए पुलिस बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रही है।


