ईरान युद्ध में युद्ध नया मोड़! होर्मुज स्ट्रेट की चेतावनी के बाद ट्रंप ने ईरान को दिया सीधा जवाब

ईरान युद्ध में युद्ध नया मोड़! होर्मुज स्ट्रेट की चेतावनी के बाद ट्रंप ने ईरान को दिया सीधा जवाब

Iran War Update: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ संदेश दिया पहले ही दिया था। उन्होंने दो दिन पहले ही कहा था या तो जलमार्ग खोल दो, या फिर उसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो।

दरअसल, ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर होर्मुज को सभी देशों के लिए नहीं खोला गया, तो किसी भी विनाशकारी स्थिति के लिए ईरान खुद जिम्मेदार होगा।

इसी बीच व्हाइट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उनकी कार्रवाई युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है, तो ट्रंप ने सवाल को टालते हुए बेहद छोटा और चौंकाने वाला जवाब दिया। वो ये था कि “और क्या?” इसका मतलब ये है कि यदि आगे भयानक युद्ध हुआ तो इसमें बच्चे- लोग मारे जाएंगे। जिनका कोई दोष नहीं है। यह अपराध की श्रेणी में आएगा।

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए है। उनका कहना है कि पूरा संघर्ष सिर्फ इस एक मुद्दे पर टिका है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं मिल सकते।

ट्रंप की चेतावनी

व्हाइट हाउस में बातचीत के दौरान ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर बेहद कड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि चेतावनी देते हुए कहा की अगर ईरान झुकने को तैयार नहीं हुआ, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

ट्रंप का दावा है कि अमेरिका लगातार दबाव बनाकर ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर चुका है। उनके अनुसार, “ईरान अब पलटवार करने की स्थिति में नहीं है… उसके पास कुछ मिसाइलें और ड्रोन बचे हैं, बस इतना ही।”

ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर ईरान कुछ शर्तें मान ले, तो यह युद्ध जल्दी खत्म भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह पूरा संघर्ष इस बात पर टिका है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए।

आम नागरिकों को लेकर क्या बोले ट्रंप

आम नागरिकों पर पड़ने वाले असर को लेकर जब ट्रंप से सवाल हुए, तो उन्होंने कहा कि ईरान के लोग बदलाव चाहते हैं और वहां हो रहे विरोध प्रदर्शनों को सरकार जबरन दबा देती है। ट्रंप का दावा है कि प्रदर्शनकारियों पर बेहद कड़ी कार्रवाई होती है और अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं।

ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका की रणनीति, युद्ध की वैधता और नागरिकों पर इसके प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। व्हाइट हाउस में हुई यह बातचीत दिखाती है कि हालात कितने तनावपूर्ण और जटिल हो चुके हैं।

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