औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत करमडीह गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी 45 साल के मिथिलेश रजक के रूप में हुई है। गांव के बधार से होकर बिजली का तार गुजरता है। बीते दिन तेज हवा और बेमौसम बारिश के कारण यह तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। हालांकि किसी को यह जानकारी नहीं थी कि गिरे हुए तार में अब भी बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है, जिससे वह बेहद खतरनाक बना हुआ था। फसल की कटाई करते गए थे परिजनों ने बताया कि रविवार की सुबह मिथिलेश रजक अपने खेत की ओर रबी फसल की कटाई करने के लिए निकले थे। इसी दौरान बधार में हरी-भरी घास के बीच उन्हें जमीन पर गिरा बिजली का तार दिखाई नहीं दिया और वे अनजाने में उसके संपर्क में आ गए। करंट लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं हो सकी। करीब सात घंटे बाद दोपहर में जब कुछ महिलाएं बधार में घास काटने पहुंचीं, तब उन्होंने मिथिलेश रजक को जमीन पर पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उन्हें घटना का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों ने घटना की सूचना अंबा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राहुल राज के निर्देश पर दारोगा दीपक कुमार और नीतू कुमारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सरपंच रह चुकी है मिथिलेश की पत्नी मृतक के परिजनों ने बताया कि मिथिलेश रजक की पत्नी पूर्व में गांव की सरपंच रह चुकी हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा चंदन अविवाहित है और रेलवे में नौकरी करता है।इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते टूटे तार को ठीक कर दिया जाता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। वहीं परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत करमडीह गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी 45 साल के मिथिलेश रजक के रूप में हुई है। गांव के बधार से होकर बिजली का तार गुजरता है। बीते दिन तेज हवा और बेमौसम बारिश के कारण यह तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। हालांकि किसी को यह जानकारी नहीं थी कि गिरे हुए तार में अब भी बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है, जिससे वह बेहद खतरनाक बना हुआ था। फसल की कटाई करते गए थे परिजनों ने बताया कि रविवार की सुबह मिथिलेश रजक अपने खेत की ओर रबी फसल की कटाई करने के लिए निकले थे। इसी दौरान बधार में हरी-भरी घास के बीच उन्हें जमीन पर गिरा बिजली का तार दिखाई नहीं दिया और वे अनजाने में उसके संपर्क में आ गए। करंट लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं हो सकी। करीब सात घंटे बाद दोपहर में जब कुछ महिलाएं बधार में घास काटने पहुंचीं, तब उन्होंने मिथिलेश रजक को जमीन पर पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उन्हें घटना का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों ने घटना की सूचना अंबा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राहुल राज के निर्देश पर दारोगा दीपक कुमार और नीतू कुमारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सरपंच रह चुकी है मिथिलेश की पत्नी मृतक के परिजनों ने बताया कि मिथिलेश रजक की पत्नी पूर्व में गांव की सरपंच रह चुकी हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा चंदन अविवाहित है और रेलवे में नौकरी करता है।इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते टूटे तार को ठीक कर दिया जाता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। वहीं परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


