सहरसा शहर के गांधी पथ स्थित अंबेडकर छात्रावास के पास तीन दुकानों में आग लग गई। इस घटना में दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। अग्निकांड में बनारसी शाह का स्वीट कॉर्नर पूरी तरह जल गया। बनारसी शाह ने बताया कि उन्हें लगभग तीन लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। दिलखुश कुमार की ऑनलाइन फॉर्म भरने की दुकान में कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य उपकरण जल गए, जिससे करीब चार लाख रुपए का नुकसान आंका गया है। इसके अतिरिक्त, अविनाश कुमार की मुर्गा दुकान भी आग की चपेट में आ गई, जिसमें लगभग 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक दुकानदारों को काफी क्षति हो चुकी थी। पीड़ित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से सरकारी सहायता की मांग की है। इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी सौरव कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्नि पीड़ित दुकानदारों के नुकसान का आकलन किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। सहरसा शहर के गांधी पथ स्थित अंबेडकर छात्रावास के पास तीन दुकानों में आग लग गई। इस घटना में दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। अग्निकांड में बनारसी शाह का स्वीट कॉर्नर पूरी तरह जल गया। बनारसी शाह ने बताया कि उन्हें लगभग तीन लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। दिलखुश कुमार की ऑनलाइन फॉर्म भरने की दुकान में कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य उपकरण जल गए, जिससे करीब चार लाख रुपए का नुकसान आंका गया है। इसके अतिरिक्त, अविनाश कुमार की मुर्गा दुकान भी आग की चपेट में आ गई, जिसमें लगभग 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक दुकानदारों को काफी क्षति हो चुकी थी। पीड़ित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से सरकारी सहायता की मांग की है। इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी सौरव कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्नि पीड़ित दुकानदारों के नुकसान का आकलन किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।


