चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर कस्बे के माली मोहल्ला में स्थित एक नमकीन की दुकान में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि दुकान के अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। दुकान में रखी तैयार नमकीन, नमकीन बनाने की मशीन, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। आग लगने की सूचना मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। धुएं से हुआ आग का खुलासा बताया गया कि माली मोहल्ले में रहने वाले सोनू माली पुत्र जगदीश माली की यह दुकान है। देर रात जब उनके काका राजू माली घर से बाहर निकले तो उन्होंने दुकान के शटर के नीचे से धुआं निकलते हुए देखा। धुआं देखते ही उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत सोनू माली को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आसपास के लोगों को भी सूचना दी गई, जिससे कुछ ही देर में मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। ग्रामीणों और समाजसेवी ने संभाला मोर्चा आग की जानकारी मिलते ही पास में रहने वाले समाजसेवी लाला दास वैष्णव भी मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत पास के ही ट्यूबवेल से पानी मंगवाया और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बाल्टी और पाइप के सहारे आग बुझाने का काम किया। काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों और मकानों को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया। फायर ब्रिगेड पहुंची, फिर किया गया पानी का छिड़काव भदेसर कस्बे में फायर ब्रिगेड की सुविधा नहीं होने के कारण सूचना श्री सांवलिया जी मंदिर मंडल को दी गई। सूचना मिलने पर मंदिर मंडल की ओर से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने दुकान के अंदर दोबारा पानी का छिड़काव किया, ताकि आग पूरी तरह से बुझ जाए और दोबारा भड़कने की कोई आशंका न रहे। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक ग्रामीणों की तत्परता से आग काफी हद तक काबू में आ चुकी थी। शॉर्ट सर्किट की आशंका, लाखों का नुकसान प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, सही कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। इस आगजनी की घटना में दुकानदार सोनू माली को करीब 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दुकान में रखी कुछ नकदी भी आग की चपेट में आकर जल गई। घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी हुई कि कस्बे में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने से ऐसे हादसों में परेशानी बढ़ जाती है। समय रहते ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन पीड़ित दुकानदार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


