पोठिया प्रखंड की टिपिझाड़ी पंचायत के चनामना गांव में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आग लगने से छह परिवारों के घर जलकर राख हो गए। यह घटना वार्ड संख्या-8 स्थित चनामना गांव में हुई। आग पर काबू पाने के लिए पोठिया थाना से दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों के सहयोग से दमकल कर्मियों और ग्रामीण युवाओं ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। अग्निपीड़ित परिवारों में शहीद, जाहिद, इस्लाम (तीनों पुत्र रहमान बक्स), निशात बानो (पत्नी सईदुर्रहमान), समीरुद्दीन (पुत्र जहीरुद्दीन) और मनिर (पुत्र दर्शन अली) शामिल हैं। इन परिवारों के आवासीय मकानों के साथ-साथ कपड़े, बर्तन, अनाज और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। इस घटना में जाहिद की एक बकरी भी झुलसकर मर गई। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही अंचल कार्यालय पोठिया से हल्का कर्मचारी मो. इद्रीश घटनास्थल पर पहुंचे और क्षति का आकलन किया। प्रशासन की ओर से अग्निपीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता राशि देने का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों को मदद मिल सके। पोठिया प्रखंड की टिपिझाड़ी पंचायत के चनामना गांव में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आग लगने से छह परिवारों के घर जलकर राख हो गए। यह घटना वार्ड संख्या-8 स्थित चनामना गांव में हुई। आग पर काबू पाने के लिए पोठिया थाना से दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों के सहयोग से दमकल कर्मियों और ग्रामीण युवाओं ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। अग्निपीड़ित परिवारों में शहीद, जाहिद, इस्लाम (तीनों पुत्र रहमान बक्स), निशात बानो (पत्नी सईदुर्रहमान), समीरुद्दीन (पुत्र जहीरुद्दीन) और मनिर (पुत्र दर्शन अली) शामिल हैं। इन परिवारों के आवासीय मकानों के साथ-साथ कपड़े, बर्तन, अनाज और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। इस घटना में जाहिद की एक बकरी भी झुलसकर मर गई। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही अंचल कार्यालय पोठिया से हल्का कर्मचारी मो. इद्रीश घटनास्थल पर पहुंचे और क्षति का आकलन किया। प्रशासन की ओर से अग्निपीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता राशि देने का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों को मदद मिल सके।


