भागलपुर में पानी की टंकी में गिरकर शख्स की मौत:अमेरिका से छोटे भाई ने कॉल किया तो पड़ोसी ने छत पर देखी लाश, जांच पड़ताल जारी

भागलपुर में पानी की टंकी में गिरकर शख्स की मौत:अमेरिका से छोटे भाई ने कॉल किया तो पड़ोसी ने छत पर देखी लाश, जांच पड़ताल जारी

भागलपुर में घर की छत पर लगे पानी के टंकी में डूबकर एक शख्स की मौत का मामला सामने आया है। घटना का पता तब चला जब मृतक की मां ने अमेरिका में रह रहे छोटे बेटे को फोन कर छोटे के रातभर घर न लौटने की जानकारी दी। इसके बाद अमेरिका में रह रहे मृतक के छोटे भाई ने पड़ोसी को इसकी जानकारी दी, फिर जब पड़ोसी छत पर पहुंचा तो देखा कि टंकी में लाश पड़ी हुई है। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव को परिजन को सौंप दिया। घटना जोगसर थाना क्षेत्र के खरमनचक इलाके की है। मृतक की पहचान 44 साल के नीरज कुमार के रूप में हुई है। मां बोली- श्राद्ध का भोज खाकर देर शाम लौटा था नीरज मृतक नीरज की मां ने बताया कि नीरज शनिवार को एक श्राद्ध में भोज खाने गया था। देर शाम लौटने के बाद नीचे सो रही मां से कहा कि मैं ऊपर नहाने जा रहा हूं। नहाकर आता हूं। नीरज की मां काफी दिनों से बीमार हैं और अधिकतर टाइम बेड पर ही रहती हैं। नीरज की मां के मुताबिक, देर रात तक जब नीरज नीचे नहीं आया तो उन्होंने अपने छोटे बेटे को कॉल कर कहा कि नीरज ऊपर नहाने गया है, लेकिन देर रात हो गई, वापस नहीं आया। नीरज के छोटे भाई ने तत्काल एक पड़ोसी को कॉल किया। हालांकि, देर रात होने की वजह से पड़ोसी ने कॉल नहीं रिसीव किया। जब रविवार को सुबह करीब 6 बजे सोकर उठा तो वापस उसने नीरज के भाई को कॉल किया। फिर घटना की जानकारी के बाद उसने नीरज को बूढ़ानाथ ढूंढने गया, नीरज अक्सर बूढ़ानाथ में बैठता था, लेकिन वहां कुछ पता नहीं चला तो घर आया और छत पर गया तो देखा की पानी की टंकी में नीरज की लाश है। तीन साल पहले पिता की ब्रेन हेमरेज से मौत हुई थी तीन साल पहले नीरज के पिता अर्जुन प्रसाद दास की माैत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी। नीरज अविवाहित था और होमियोपैथी की प्रैक्टिस भी करता था। नीरज का छोटा भाई पंकज अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। घटना की सूचना के बाद वो अमेरिका के लिए निकल चुका है। सोमवार को पंकज के आने के बाद नीरज का अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटनास्थल पर पानी की दो टंकी, रोज रात को नहाता था नीरज घटनास्थल पर पानी की दो टंकी है, जिसमें एक टंकी की ऊंचाई कम है। आमतौर पर नीरज रात में ही नहाता था। इसके बाद ही वह अपनी मां के पास जाता था। नहाने के लिए उसने अपना कपड़ा उतारकर पानी की टंकी पर रख दिया था। आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान पैर फिसलने या किसी और वजह से नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। परिजन के मुताबिक, अगर नीरज को आत्महत्या करना होता तो वो पानी की टंकी पर कपड़ा खोलकर क्यों रखेगा? आशंका ये भी जताई जा रही है कि ठंड लगने से ब्रेन हेमरेज या बीपी बढ़ा हाेगा, चक्कर खाकर नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। जिसने लाश देखी, उसने क्या बताया? नीरज की लाश देखने वाले पड़ोसी मनीष उर्फ सत्या ने बताया कि कल शाम करीब 7 बजे नीरज भोज खाने निकला था। देर रात लौटा तो ऊपर चला गया। फिर वापस नहीं आया। फिर नीरज की मां ने अपने छोटे बेटे को कॉल कर इसकी जानकारी दी। पंकज ने मुझे रात करीब 3 बजकर 34 मिनट पर कॉल किया। लेकिन मैं सोया था। सुबह उठा तो मैंने पंकज को कॉल किया। पंकज ने मुझे पूरी घटना बताई। फिर मैं बूढ़ानाथ मंदिर गया, लेकिन वहां नीरज नहीं मिला। मनीष ने बताया कि मैं वापस आया और ये सोचकर छत पर गया कि शायद रात को ऊपर ही सो गया होगा। जब ऊपर गया तो देखा कि नीरज की लाश पानी के टंकी में पड़ी थी। फिर मैंने वीडियो कॉल कर पंकज को सारी जानकारी दी। भागलपुर में घर की छत पर लगे पानी के टंकी में डूबकर एक शख्स की मौत का मामला सामने आया है। घटना का पता तब चला जब मृतक की मां ने अमेरिका में रह रहे छोटे बेटे को फोन कर छोटे के रातभर घर न लौटने की जानकारी दी। इसके बाद अमेरिका में रह रहे मृतक के छोटे भाई ने पड़ोसी को इसकी जानकारी दी, फिर जब पड़ोसी छत पर पहुंचा तो देखा कि टंकी में लाश पड़ी हुई है। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव को परिजन को सौंप दिया। घटना जोगसर थाना क्षेत्र के खरमनचक इलाके की है। मृतक की पहचान 44 साल के नीरज कुमार के रूप में हुई है। मां बोली- श्राद्ध का भोज खाकर देर शाम लौटा था नीरज मृतक नीरज की मां ने बताया कि नीरज शनिवार को एक श्राद्ध में भोज खाने गया था। देर शाम लौटने के बाद नीचे सो रही मां से कहा कि मैं ऊपर नहाने जा रहा हूं। नहाकर आता हूं। नीरज की मां काफी दिनों से बीमार हैं और अधिकतर टाइम बेड पर ही रहती हैं। नीरज की मां के मुताबिक, देर रात तक जब नीरज नीचे नहीं आया तो उन्होंने अपने छोटे बेटे को कॉल कर कहा कि नीरज ऊपर नहाने गया है, लेकिन देर रात हो गई, वापस नहीं आया। नीरज के छोटे भाई ने तत्काल एक पड़ोसी को कॉल किया। हालांकि, देर रात होने की वजह से पड़ोसी ने कॉल नहीं रिसीव किया। जब रविवार को सुबह करीब 6 बजे सोकर उठा तो वापस उसने नीरज के भाई को कॉल किया। फिर घटना की जानकारी के बाद उसने नीरज को बूढ़ानाथ ढूंढने गया, नीरज अक्सर बूढ़ानाथ में बैठता था, लेकिन वहां कुछ पता नहीं चला तो घर आया और छत पर गया तो देखा की पानी की टंकी में नीरज की लाश है। तीन साल पहले पिता की ब्रेन हेमरेज से मौत हुई थी तीन साल पहले नीरज के पिता अर्जुन प्रसाद दास की माैत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी। नीरज अविवाहित था और होमियोपैथी की प्रैक्टिस भी करता था। नीरज का छोटा भाई पंकज अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। घटना की सूचना के बाद वो अमेरिका के लिए निकल चुका है। सोमवार को पंकज के आने के बाद नीरज का अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटनास्थल पर पानी की दो टंकी, रोज रात को नहाता था नीरज घटनास्थल पर पानी की दो टंकी है, जिसमें एक टंकी की ऊंचाई कम है। आमतौर पर नीरज रात में ही नहाता था। इसके बाद ही वह अपनी मां के पास जाता था। नहाने के लिए उसने अपना कपड़ा उतारकर पानी की टंकी पर रख दिया था। आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान पैर फिसलने या किसी और वजह से नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। परिजन के मुताबिक, अगर नीरज को आत्महत्या करना होता तो वो पानी की टंकी पर कपड़ा खोलकर क्यों रखेगा? आशंका ये भी जताई जा रही है कि ठंड लगने से ब्रेन हेमरेज या बीपी बढ़ा हाेगा, चक्कर खाकर नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। जिसने लाश देखी, उसने क्या बताया? नीरज की लाश देखने वाले पड़ोसी मनीष उर्फ सत्या ने बताया कि कल शाम करीब 7 बजे नीरज भोज खाने निकला था। देर रात लौटा तो ऊपर चला गया। फिर वापस नहीं आया। फिर नीरज की मां ने अपने छोटे बेटे को कॉल कर इसकी जानकारी दी। पंकज ने मुझे रात करीब 3 बजकर 34 मिनट पर कॉल किया। लेकिन मैं सोया था। सुबह उठा तो मैंने पंकज को कॉल किया। पंकज ने मुझे पूरी घटना बताई। फिर मैं बूढ़ानाथ मंदिर गया, लेकिन वहां नीरज नहीं मिला। मनीष ने बताया कि मैं वापस आया और ये सोचकर छत पर गया कि शायद रात को ऊपर ही सो गया होगा। जब ऊपर गया तो देखा कि नीरज की लाश पानी के टंकी में पड़ी थी। फिर मैंने वीडियो कॉल कर पंकज को सारी जानकारी दी।  

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