भागलपुर में NH-80 पर एक निजी स्कूल की वैन में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में सड़क पर धुआं और लपटें फैल गईं, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया। गनीमत रही कि गाड़ी में कोई भी स्कूली बच्चा सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। तुरंत दमकल की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई, लेकिन स्कूल वैन की तकनीकी स्थिति और फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समय रहते पाया काबू विद्यालय प्रबंधन की ओर से संचालक संतोष कुमार ने बताया कि स्कूल का समय सुबह साढ़े नौ बजे से है। वैन चालक बच्चों को पहुंचाने के बाद गाड़ी मरम्मत के लिए ले जा रहा था। इसी दौरान कुछ ही दूरी पर शॉर्ट सर्किट के कारण इंजन में आग लग गई। हालांकि समय रहते काबू पा लिया गया। फिटनेस वैधता खत्म हो चुकी थी पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वैन के रजिस्ट्रेशन नंबर की परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जांच करने पर पाया गया कि फिटनेस की वैधता 22 दिसंबर 2019 तक ही थी। इसके अलावा, बीमा की वैधता 25 दिसंबर 2019 और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता 17 दिसंबर 2021 तक ही दर्ज थी। इसके बावजूद धड़ल्ले से स्कूली वाहन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस संबंध में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) एस. एन. मिश्रा ने कहा कि वाहनों की फिटनेस की जांच समय-समय पर की जाती है। सभी स्कूल प्रबंधन को मानकों के अनुरूप वाहनों का संचालन करना अनिवार्य है। अगर स्कूली वैन अनफिट पाई जाती है, तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भागलपुर में NH-80 पर एक निजी स्कूल की वैन में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में सड़क पर धुआं और लपटें फैल गईं, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया। गनीमत रही कि गाड़ी में कोई भी स्कूली बच्चा सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। तुरंत दमकल की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई, लेकिन स्कूल वैन की तकनीकी स्थिति और फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समय रहते पाया काबू विद्यालय प्रबंधन की ओर से संचालक संतोष कुमार ने बताया कि स्कूल का समय सुबह साढ़े नौ बजे से है। वैन चालक बच्चों को पहुंचाने के बाद गाड़ी मरम्मत के लिए ले जा रहा था। इसी दौरान कुछ ही दूरी पर शॉर्ट सर्किट के कारण इंजन में आग लग गई। हालांकि समय रहते काबू पा लिया गया। फिटनेस वैधता खत्म हो चुकी थी पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वैन के रजिस्ट्रेशन नंबर की परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जांच करने पर पाया गया कि फिटनेस की वैधता 22 दिसंबर 2019 तक ही थी। इसके अलावा, बीमा की वैधता 25 दिसंबर 2019 और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता 17 दिसंबर 2021 तक ही दर्ज थी। इसके बावजूद धड़ल्ले से स्कूली वाहन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस संबंध में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) एस. एन. मिश्रा ने कहा कि वाहनों की फिटनेस की जांच समय-समय पर की जाती है। सभी स्कूल प्रबंधन को मानकों के अनुरूप वाहनों का संचालन करना अनिवार्य है। अगर स्कूली वैन अनफिट पाई जाती है, तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


