मनासा के कुकड़ेश्वर क्षेत्र के ग्राम अमेरी में शुक्रवार सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक तेंदुआ जंगल से निकलकर सीधे रिहायशी इलाके में घुस आया। सुबह करीब 10.30 बजे तेंदुए ने मांगीलाल मालवीय के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान घर में सो रही 75 वर्षीय नानीबाई पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हिंसक वन्यप्राणी ने वृद्धा के सिर, पैर और पीठ पर दांत व नाखूनों से गहरे घाव कर दिए। तेंदुए ने करीब आधे घंटे तक घर में उत्पात मचाया। परिजनों और ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर शोर मचाया और सामान फेंककर उसे भगाने का प्रयास किया। ग्रामीण बंटी मालवीय के अनुसार, तेंदुआ दो बार बाहर निकलने के बाद तीसरी बार फिर घर में घुस गया था। आखिरकार ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद वह जंगल की ओर भाग निकला। घायल महिला को मनासा अस्पताल से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई है। तीन बार की घुसपैठ: ग्रामीणों के साहस से टला बड़ा हादसा अमेरी गांव में तेंदुए की मौजूदगी ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुआ इतना आक्रामक था कि वह बार-बार घर के भीतर घुसने की कोशिश कर रहा था। अगर ग्रामीण एकजुट होकर शोर नहीं मचाते तो नानीबाई की जान जाना तय था। फिलहाल ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


