Bijnor News: मंगलवार एक सामान्य दिन की तरह शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही पलों में यह एक डरावनी घटना में बदल गई। बिजनौर के गांव हिदायतपुर चौहड़वाला की रहने वाली करीब 55 वर्षीय राजो देवी अपने गांव की अन्य महिलाओं के साथ खेत में गन्ना छीलने गई थीं। सुबह का समय था, करीब दस बजे का। खेतों में कामकाज चल रहा था और माहौल बिल्कुल सामान्य था। राजो देवी थोड़ी दूरी पर बैठकर गन्ना छील रही थीं, जबकि बाकी महिलाएं भी आसपास अपने काम में जुटी थीं। तभी अचानक पास के खेत से एक तेंदुआ(गुलदार) निकलकर आया और राजो देवी पर झपट पड़ा। यह हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। तेंदुए के हमले से घबराकर राजो देवी जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी चीखें सुनकर आसपास काम कर रही महिलाएं और अन्य ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। ग्रामीणों ने बिना देर किए हिम्मत दिखाई और शोर मचाते हुए लाठी-डंडे लेकर तेंदुए को डराने की कोशिश की।
ग्रामीणों की तत्परता से बची महिला की जान
ग्रामीणों की इस तत्परता का असर हुआ। तेंदुआ, जो राजो देवी को खींचकर ले जाने की कोशिश कर रहा था, शोर और भीड़ देखकर घबरा गया और महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। अगर कुछ मिनट की भी देरी हो जाती, तो यह घटना और भी गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद राजो देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार वालों के अनुसार, महिला की कमर और गर्दन पर तेंदुए के पंजों के गहरे निशान हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
तेंदुए को पकड़ने की कोशिश
इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। लोग अब खेतों में जाने से पहले ज्यादा सतर्क हो गए हैं। वहीं वन विभाग भी हरकत में आ गया है। नगीना क्षेत्र के वन अधिकारी पीके शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर भेजी गई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है और उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल और गांव के बीच की दूरी कम होती जा रही है, और ऐसे में इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल गांव के लोग सतर्क हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस खतरे से निजात मिलेगी।


