रामपुर हाइवे पर भीषण हादसा: मरीज को घर ला रही एंबुलेंस पोल से टकराकर पलटी, 5 लोग गंभीर घायल

रामपुर हाइवे पर भीषण हादसा: मरीज को घर ला रही एंबुलेंस पोल से टकराकर पलटी, 5 लोग गंभीर घायल

Rampur Ambulance Accident: रामपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जब मरीज को लेकर आ रही एक निजी एंबुलेंस हाइवे किनारे लगे बिजली के पोल से टकराकर पलट गई। इस हादसे में मरीज, उसके परिवार के सदस्य और एंबुलेंस के दो चालकों सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

हाइवे पर अचानक हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ, जब चंडीगढ़ से मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस रामपुर नगर के हाइवे स्थित भैरों बाबा मंदिर के पास पहुंची। इसी दौरान चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और एंबुलेंस सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस पलट गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

एक महीने से चल रहा था मरीज का इलाज

घायल मरीज कुंवर पाल बरेली जिले के थाना कुलड़िया क्षेत्र के ग्राम बडेपुरा के रहने वाले हैं। वह करीब एक माह पहले एक दुर्घटना में घायल हो गए थे और उनका इलाज चंडीगढ़ स्थित एसपीजीआई हॉस्पिटल में चल रहा था। डॉक्टरों ने जब उनकी हालत में सुधार देखा तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद वह निजी एंबुलेंस से अपने घर लौट रहे थे।

परिवार के साथ गांव लौट रहा था मरीज

बताया जा रहा है कि कुंवर पाल अपने गांव लौटते समय अपनी भाभी गंगा और तीन वर्षीय भतीजे लवी के साथ एंबुलेंस में सवार थे। उनके साथ एंबुलेंस के दो चालक भी मौजूद थे। यात्रा के दौरान सब कुछ सामान्य था, लेकिन रामपुर पहुंचते ही अचानक चालक को झपकी आने से यह बड़ा हादसा हो गया।

राहगीरों ने दिखाई मानवता, तुरंत पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद एंबुलेंस के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद करते हुए एंबुलेंस में फंसे लोगों को बाहर निकाला और सभी घायलों को नगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। लोगों की तत्परता के कारण घायलों को समय पर इलाज मिल सका।

डॉक्टरों ने सभी घायलों को किया रेफर

सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। घायलों में एंबुलेंस चालक रवि, एक अन्य चालक गैरी, मरीज कुंवर पाल, उनकी भाभी गंगा और तीन वर्षीय लवी शामिल हैं। सभी की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।

लापरवाही या थकान बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एंबुलेंस चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान थकान और नींद कई बार बड़े हादसों की वजह बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक समय पर वाहन रोककर आराम कर लेता, तो शायद यह दुर्घटना टल सकती थी।

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